अलोकतांत्रिक बयान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अलोकतांत्रिक बयान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 17 अक्टूबर 2012

अलोकतांत्रिक बयान (कानून मंत्री सलमान खुर्शीद का

     प्रकाशनार्थ -प्रेषित
         अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक सभा कर रहे अपने ट्रस्ट के जरिये विकलांगों के पैसे की हेराफेरी के विवादों में घिरे कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद ने धमकी भरे लहजे में अपने ऊपर आरोप लगा रहे  अरविंद केजरीवाल को जो खुली चुनौती दी है कि केजरीवाल फर्रुखाबाद आएं, लेकिन वहां से लौटकर भी दिखाएं ये बयान व धमकी जहाँ भडकाऊ है वहीँ अलोकतांत्रिक भी है.  हमें यह  उपयुक्त नहीं लगता की केजरीवाल द्वारा उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप/ पूछे जाने बाले प्रश्नों का लोकतांत्रिक जबाब उनके खून से खेलने जैसा हो सकता है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र  भारत वर्ष  के एक विद्वान् कानून मंत्री से कम से कम इस तरह के ओछे बयान की उम्मीद  नहीं ही की जा सकती है . देश का कानूनमंत्री खुलेआम कहे कि हम खून से होली खेलेंगे, ये बयान काफी चौकाने बाला और मर्माहत करने बाला है . ये धरती  भगवान राम , श्री कृष्ण, बुद्ध , कबीर, महाबीर , संत गुरु रविदाश , गुरु गोविन्द सिंह , इशा ,चेतन्य महाप्रभु ,सम्राट अशोक और शेरशाह आदि की धरती मानी जाती है. जहाँ न तो हिंशा का और न ही हिंसक बारदात या फिर हिंसक बयानबाजी का कभी कोई स्थान रहा है.  और फिर सत्य -अहिंसा के पक्षधर स्वयं गांधी जी को अपना आदर्श मानने बाले कोंग्रेस के नेता व कानून मंत्री के इस तरह के बयान दिए जाने से ऐसा प्रतीत होता है की निश्चय ही देस में लोकतंत्र  की खुलेआम धज्जियां उडाई जा रही है . हमारी चिंता है कि यदि इस समय जब कि सम्पूर्ण राष्ट्र एक अति सम्बेदंशील बयान पर काफी चिंतित है , प्रधानमन्त्री का प्रतिक्रिया जानने को उत्शुक है वहीँ दूसरी ओर भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय श्री प्रणव मुखर्जी से भी हम अनुरोध करते हैं कि , यदि प्रधानमन्त्री इस तरफ सा समय ध्यान नहीं देते हैं तो लोकतंत्र के हित में आपको ही (महामहिम को ही ) आगे आकर इसका हल ढूँढना चाहिए .  अन्यथा भारतीय लोकतंत्र एक मजाकिया लोकतंत्र बनकर रह जाएगा और फिर इस भारतीय लोकतंत्र से आम आदमी का बिस्वाश उठ जाएगा.
रवींद्र कुमार सिंह ( सुनयना पुत्र  "रवींद्र" ) सहरसा  (बिहार )