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बुधवार, 19 नवंबर 2014

letter to the pm of india

सेवा में माननीय प्रधान मंत्री भारत सरकार विषय :- केंद्रीय विकलांग/बाल श्रम कल्याण आयोग के पुनर्गठन एवं पुनर्गठित आयोग में सदस्य के रूप में मुझ विकलांग समाजसेवी के मनोनयन के सम्बन्ध में मान्यवर, विदित हो कि केंद्रीय विकलांग आयोग / बाल कल्याण आयोग का पुनर्गठन होना निश्चित हुआ है। विकलांगों के कल्याण एवं पुनर्वास की तथा बच्चों में कुपोषण एवं बाल मजदूरी तथा अशिक्षा की समस्या जटिल है। अस्तु उनके समस्याओं को गंभीरता से लेने की जरुरत है; ताकि बिहार सरकार / केंद्र सरकार जन कल्याण एवं जन सरोकार के संकल्पों को पूरा कर सके। सरकार के संकल्प को पूर्णतः पूरा करने में एक संकल्पित प्रतिबद्ध समाजसेवी की जरुरत पड़ सकती है। ऐसे में उपरोक्त दायित्व के निर्वहन हेतु मैं स्वयं को श्रीमान के सामने प्रस्तुत करता हूँ, और विस्वास दिलाता हूँ कि, आयोग के सदस्य के रूप में मेरे लिए जो कुछ भी विषय अपेक्षित होगा उसे मैं पूरी निष्ठा, श्रद्धा और ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करूँगा। ताकि लोगों की अभिक्षा एवं सरकार की सदिच्छा पूरी हो सके। परिचय वृत :- नाम :- रवींद्र कुमार सिंह ; पिता का नाम :- श्री त्रिवेणी प्रसाद सिंह ; पता (Since 1992) :- मारूफगंज; पुरानी जेल के नजदीक ;वार्ड न0 20; पो0+थाना+भाया :- सहरसा ; जिला - सहरसा (बिहार) 852201 ; आधार संख्या (UID):- 897427701561 ; मतदाता पहचान पत्र संख्या:- HSJ2448033 पैतृक पता :- ग्राम- फतेपुर ; पो0- माली ; थाना - सोनबर्षा राज ; जिला - सहरसा (बिहार) ; मोबाइल न0 :- 9431243115 ; email Id :- rabindra2166@gmail.com जन्म तिथि :- 09 जून, 1965 विकलांगता की स्थिति :- 50% (एक पैर जांघ तक कटा हुआ) प्रमाण पत्र संलग्न सक्रीय भागीदारी :- जिला महासचिव (चिकित्सा मंच (1998-2000 ); जिला अध्यक्ष (भाजपा चिकित्सा मंच) 2000-2003 & 2003-2006 ; जिला प्रवक्ता भाजपा सहरसा 2010-2012 ; भाजपा सक्रीय सदस्य्ता संख्या 34276/2012-2014 है। बिभाग सह संयोजक धर्मजागरण (आर.एस.एस. कोशी कमिशनरी,सहरसा) / 2013-14 ; सदस्य रेड क्रॉस सोसाइटी सहरसा, पी.एच.एफ. (रोटरी इंटरनेशनल ) . सेक्रेटरी रोटरी क्लब सहरसा 2012-2013 & 2013-2014. सामजिक/राजनितिक गतिविधि :- जिला महासचिव (चिकित्सा मंच (1998-2000 ); जिला अध्यक्ष (भाजपा चिकित्सा मंच) 2000-2003 & 2003-2006 ; जिला प्रवक्ता भाजपा सहरसा 2010-2012 ; भाजपा सक्रीय सदस्य्ता संख्या 34276/2012-2014 है। भाजपा के सामान्य बुनयादी सांगठनिक कार्यक्रम के अतिरिक्त पार्टी सदस्य्ता के दौरान मैंने एक ओर जहाँ भाजपा के प्राथमिक व सक्रीय सदस्यों की 10-20% सदस्य्ता बढ़ाने का कार्य किया है तो दूसरी और बिधान सभा व लोकसभा चुनाव में अपने पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में जी तोड़ चुनावी/सांगठनिक मिहनत भी किया है। इसके अतिरिक्त जहाँ महिला मोर्चा का कार्यक्रम हो या अनुसूचित जाती मोर्चा का कार्यक्रम जब भी आयोजित हुआ मैंने बढ़-चढ़कर अपनी महती भूमिका निभाई है। तो वहीँ दूसरी ओर ह्रदय परिवर्तन के साथ राष्ट्र के मुख्य धारा से जुड़ने के उद्देश्य से जेल में बंद सैकड़ों कैदियों के हाथ में रक्षा बंधन के पवित्र अवसर पर रक्षा सूत्र (राखी ) बंधवाने का कार्यक्रम तथा अवकाश-प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित करने का कार्यक्रम का आयोजन कर एक अति विशेष सामाजिक/राजनितिक कार्य भी किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक सेवा कार्यक्रम :- बीजेपी / रोटरी इंटरनेशनल / भारत विकास परिसद के बैनर तले समय-समय पर मैने जहाँ एक ओर समाज हित में अनेकों मुफ्त स्वास्थ्य जाँच शिविर (मधुमेह जाँच शिविर, यूरिक एसिड जाँच शिविर, थायरॉइड जाँच शिविर, हीमोग्लोबिन जाँच शिविर, विद्यालयी बच्चों के लिए मुफ्त एनेमिया जाँच शिविर ) का आयोजन किया है वहीँ दूसरी ओर पोलियो उन्मूलन जागरूकता रैली भी निकाली है। शिक्षा तथा समाज सुधार के क्षेत्र में कार्यक्रम :- बच्चों के शिक्षा-दीक्षा व पठन-पाठन के लिए के लिए एवं कुपोषण मुक्त समाज निर्माण के लिए समाज को उत्प्रेरित करने का कार्य तथा समाज के दबे कुचले ब्यक्तियों के पक्ष (समस्याओं को ) सम्बंधित सक्षम पदाधिकारियों व जिला प्रशासन के सामने रखकर, उन्हें हर संभव न्याय दिलाने में काफी रुचु लेता रहा हूँ। इसके अतिरिक्त 2008 में बिहार में आयी भयानक बाढ़ व कुशहा त्रासदी में भी यथा संभव बाढ़ पीड़ितों की सेवा कर ईस्वरीय कार्य में भी यथा संभव हाथ बंटाया है। महोदय भले हैं मेरा एक पैर नहीं है किन्तु जब मैं सहरसा(बिहार) के पटेल मैदान में आयोजित चुनावी सभा में 24 अप्रैल 2014 को आपके साथ मंच पर था, मेरी विकलांगता मेरे दिल व् दिमाग में बिलकुल भी नहीं थी। मैं पाग और शाल के साथ आगे बढ़ा भी पर आपको पहना नहीं पाया , जिसका कसक मुझे आज भी है। पर एक विस्वास के साथ कि, भले आज नहीं कल ही सही मैं अपने राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाने बाले देस के सर्व श्रेष्ठ प्रधान मंत्री तक अवस्य पहुंचूंगा, और बृद्ध, बिधवा, विकलांग व बच्चों की सेवा करने का बिधिसम्मत दायित्व भी मुझ विकलांग को मिलेगा। अतएव श्रीमान से साग्रह निवेदन है कि, यदि मुझे केंद्रीय विकलांग आयोग / बाल कल्याण आयोग में सदस्य व सवैतनिक सदस्य मनोनीत किया जाता है तो विकलांगता अधिनियम का सम्मान तो होगा ही, समाज के अभिच्छा पर और सरकार के सदिच्छा पर खरा उतरने का एक अच्छा अवसर भी मुझे प्राप्त होगा। रवींद्र कुमार सिंह मारूफगंज

शुक्रवार, 29 जून 2012

MEMORENDOM


LETEER NO – A - 297                                                                      D ATED 21-05-12
सेवा  में ,
                  माननीय प्रधानमंत्री महोदय
 द्वारा -    जिलाधिकारी
                                  SAHARSA
 महाशय,
              राज्य के रूप में बिहार के आने के  १०० साल पुरे हो चुके हैं . बिहार ने अनेकों बार देस की आज़ादी के लिए देस के बिकास के लिए संख नाद किया है देस के आन्दोलन में अग्रणी किन्तु महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बिहार ने अनेकों बार देस की तक़दीर और तश्वीर को बदलने का न केवल शंखनाद किया बल्कि इसे बदलने का भी काम किया है. . बिहार में सन २००० में बिहार का अपना ही तश्वीर , तक़दीर और भूगोल इस कदर बदला मानो सारा खान बन संपदा लेकर झारखंड सम्पान राज्य हो गया वहीँ बिहार के पास बचा तो केवल एक चरमराया आर्थिक ढांचा. पूर्व वर्ती कोंग्रेस और राजद की सरकार के कुप्रबंधन एवं भर्ष्टाचार ने मानव विकास सूचकांक ,शाक्षर्ता एवं निर्धनता की दृष्टि से बिहार को देस के सबसे निचले पायदान पर लाकर खड़ा कर दिया . हालांकि पिछले १० बर्षों में बिहार में भाजपा और जड़ यूं की सरकार ने बिहार की बदसूरत तश्वीर की जगह एक अच्छी तश्वीर पेस की , बिहार विकास के तरफ अग्रषर हुवा है एक अच्छा संकेत मिला है. बिहार और भी आगे बढ़ सकता है यह एक बिकषित प्रदेस बन सकता है इसके लिए इसे केवल और केवल बिशेष राज्य के दर्जे की दरकार ही . और हमें पूरा बिस्वास है की बिहार इसे बहुत जल्द पूरा कर देस को एक बिकषित प्रदेस पेस कर देगा. बिहार को बिसेष राज्य का दर्जा मिले इसके कई कारक बिद्ध्मान हैं. देस में सबसे अधिक घनी आबादी बाला प्रान्त बिहार है . पुरे देस में ३८२ ब्यक्ति/ प्रति बर्ग किलोमीटर घनत्व  देखा जाता है  है जबकि बिहार में ११०२ ब्यक्ति/ प्रति बर्ग किलोमीटर घनत्व मौजूद है.  चूँकि इन सिमित संसाधनों पर बिहार के बिकास का बहुत बड़ा बोझ  है जो अन्य राज्यों की तुलना में बहुत हिन् चिंताजनक शंकेत प्रदान करता है.  प्रति ब्यक्ति आय के दृष्टिकोण से भी यदि देखा जय तो यहाँ १६५९२ है जो राष्ट्रीय औसत आय के स्तर से बहुत पीछे है. गरीबी रेखा से निचे गुजर बसर करने बाले ब्यक्ति को जो केन्द्रीय सहायता राशि दी जाती है वो भी ६७९.२६ रूपये है जो बहुत ही कम है. यहाँ गरीबी रेखा से निचे रहने बालों की आबादी भी ५४% है जो पुरे देस में सर्वाधिक है. बिहार के पिछड़े राज्य होने के प्राकृतिक कारण भी बिद्ध्मान / मौजूद हैं. अंतर्राष्ट्रीय सीमा तीब्र बाढ़ प्रबंधन क्षेत्र होने के कारण बिशिष्ट भोगोलिक क्षेत्र में आता है.  हिमालय की ढालवा क्षेत्र होने के कारण प्रति बर्ष बढ़ से काफी अपूर्णीय छति होता है. विकास पर प्रतिकूल असर पड़ता है. उत्तर बिहार में बाढ  के कारण जहाँ किसानो की फसलें नष्ट हो जाती है साथ ही कई माह तक भोगोलिक रूप से संपर्क भंग हो जाता है वहीँ दक्षिणी बिहार में सुखाड़ के कारण आम लोगों का जीवन दूभर हो जाता है फशल के सुख जाने से किसानो की माली हालत खास्ता हो जाती है. यहाँ इस इस प्रकार राज्य भोगोलिक isolation , दुर्गम भू क्षेत्र , कमजोर सहायता आधार , कमजोर आधारभूत   संरचना , अधिक जनसंख्या घनत्व होने के कारण बिसेष संरक्षण की आवश्यकता है. इस प्रकार उपरोक्त सभी कारक को देखें तो ऐसा लगता है जैसे बिहार बिशेस राज्य का दर्जा पाने का पूरा पूरा हकदार है यह बिशेस राज्य का दर्जा पाने के सभी मानदंडों को पूरा करता है. बाबजूद इसके यदि केन्द्रीय सरकार को ऐसा लगता है कि, संबैधानिक अडचने  अभी भी आ सकती हैं , तो हम आग्रह करते हैं माननीय प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी से कि, जिस राज्य के विकास के बिना  देस के विकास कल्पना भी नहीं कि जा सकती ऐसे राज्य के चतुर्दिक विकास के लिए यदि संबिधान में किसी प्रकार के संसोधन की ही जरुरत हो जाय तो केंद्र को (सरकार के मंत्री मंडलीय समिती को ) बिना समय गवाए इसे कर लेना चाहिए, और बिहार को बिशेस राज्य का दर्जा दे देना चाहिए . इसे न भूलें कि,  विकसित बिहार के बिना विकसित भारतवर्ष की कल्पना भी नहीं की जा सकती . और फिर ठीक इसके बिपरीत बिहार की उपेक्षा जब कभी भी केंद्र के लिए महँगा ही साबित होगा . केंद्र सरकार की मंत्री मंडलीय समिती एवं योजना आयोग के सचिव , केन्द्रीय वित्त सचिव (व्यय ) ने पिछले माह बिहार के बिशेष श्रेणी के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया तथा कहा की बिहार निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करता है. प्रथम दृष्टया यह दुर्भाग्य पूर्ण तथा दुर्भावनाओं से ग्रषित समझ आता है. अस्तु सुनियोजित तथा पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर तैयार किये गए केन्द्रीय समिती के इस रिपोर्ट का भाजपा बिरोध करती है और बिहार को बिशेस राज्य दर्जा दिलाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष /आन्दोलन जारी रखने का अपनी संकल्प दुहराती है.  भाजपा मानती है कि,  राजनैतिक कारणों से बिहार को बिशेस राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा है जो बिहार कि जनता के भावनाओं के साथ खुला मजाक है. इसे  बिहार कि १० करोड़ ३८ लाख जनता कभी बर्दास्त नहीं करेगी . भाजपा इन १० करोड़ ३८ लाख जनता के साथ उनके वाजिब हक़ के लिय सडक से संसद तक आन्दोलन करेगी . इसी क्रम को आगे बढाने आज २१ मई २०१२ को पार्टी सभी प्रखंड जिला -मुख्यालयों पर महाधरना का आयोजन किया है . अतः आपसे पुनः सागाह निवेदन है कि, बिहार के साथ ही रास्त्र हित में बिहार को बिशेष राज्य का दर्जा देकर बिहार के १० करोड़ ३८ लाख जनता के जनभावनाओं का सम्मान करें !   धन्यवाद ! भवदीय              पार्टी  प्रवक्ता "रवींद्र"