सोमवार, 16 जनवरी 2012

ध्यानाकर्षण

  वैसे तो एक कहावत है जहाँ काम अधिक होगा भूल की संभावना भी वहीँ अधिक होती है. फिर भी दैनिक जागरण में ऐसा कुछ कम देखा जाता है. आज पेज न० ५ में दिल्ली का न्यूज "स्पेस रिसर्च सेन्टर खोलेगी एस० आर० एम० यूनिवर्सिटी" का उतना हैरान नहीं करता जितना की पेज न० १४ पर पुर्णिया का न्यूज "आखिर रंग लाई पहल, शूटर मीरा को मिली राईफल" . इस स्क्रिप्ट में जहां एक और मीरा को अपने लक्ष्य के प्राप्ति काफी गंभीर और बदौलत इसके ढेरों कांस्य व स्वर्ण पदक जीतकर अंतररास्ट्रीय स्तर पर न केवल अपना बल्कि अपने माटी का नाम/ पहचान स्थापित करने बाला बताया, वहीँ "उधार के राईफल से सोना लुटने वाली",& 'शूटर" शब्द का प्रयोग कर मीरा के तमाम ओजश्वी /तेजश्वी होने पर एक प्रश्न चिन्ह खड़ा कर देता है, और मेरे बिचार में यह मीरा को अपमानित करने जैसा है. अतः आपसे मेरा आग्रह और निवेदन कि, पाठक हित में ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें .पाठक हित में ऐसे शब्दों का चयन किया जाय जो आपके मूल भाव को परिभाषित तो करता हो किन्तु , विकृत स्वरुप से बचाता भी हो . धन्यवाद !
     "रवींद्र"

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