IMA & CS Vs MLA

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दिनांक :- 26 -03 -11
दिनांक 25-03 -2011 को भारतीय जनता पार्टी सहरसा की एक आपात बैठक जिला अध्यक्ष श्री राजीव रंजन के निवास स्थान पर हुयी.जिसमे Dated.24-03-2011 को IMA के बयान पर इलेक्ट्रोनिक मिडिया एवं प्रिंट मिडिया में जो खबर दिखाया गया है कि,दिनांक 20 -03 -11 को स्थानीय बिधायक श्री आलोक रंजन द्वारा सिविल सर्जन डॉ0 आजाद हिंद प्रसाद से के साथ दुर्ब्याव्हार किया गया है उन्हें गाली गलोज दी गयी है सरासर गलत और बेबुनियाद है.उक्त घटनाओं के सम्बन्ध में माननीय विधायक से पूछे जाने पर विधायक इसे सरासर गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा की इस तरह की किसी घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है.ये न केवल मन गढ़ंत है,बल्कि ये काफी हैरान करनेबाला भी है.वास्तव में अखबार में जिस सिविल सर्जन का बयान बिधायक के खिलाप में हो वहीँ दिनांक 20-03-11 को घटित घटना का जिक्र स्वयं C S.. डॉ0 आजाद हिंद प्रसाद ने अपने ज्ञापांक 976 /24-03 -11 पत्र के माध्यम से 25-03 -11 को दिन के 1.15 बजे निदेशक-प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ,बिहार को फैक्स के माध्यम से जो अवगत कराया है वि बिलकुल भिन्न है . माननीय C.S. ने अपने फैक्स स्वीकारोक्ति सन्देश में माननीय बिधायक डॉ.आलोक रंजन के द्वारा किशी भी अपमान जनक टिप्पणी,दुर्ब्याव्हार (गाली गलोज) या फिर किशी तरह का धमकी भरे दबाव देने से बिलकुल इनकार किया है.अपने बयांन में सिविल सर्जन ने इतना जरुर कहा है की माननीय बिधायक उन्हें सौर प्रखंड-पि.एच.सी. के प्रभारी के बदले जाने की बात जरुर उठाई है ,जो सत्य भी है वहां के लिए इतना जानलेना ही सायद काफी होगा की सिविल सर्जन ने तमाम नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए कनीय चिकित्सक को प्रभारी बना तथा बरीय चिकित्सक को उनका कनीय बनाकर काम लिए जाने की बात को भी उचित ठहरा देते हैं . इसकी जानकारी माननीय स्वास्थ्य मंत्री को उनके सहरसा आने पर दी भी गयी थी जिसमें हम सभी कार्यकर्त्ता वहां मौजूद थे.जो की सिविल सर्जन को गवारा नहीं था कारन इसके पीछे जो भी हो...? फिर भी माननीय मंत्री महोदय के सामने उनहोंने बरिय्तम चिकित्सक को प्रभारी नहीं बनाने की बात स्वीकार भी की थी,फिर जब कभी भी मंत्री जी के सामने किये गए वायदे का याद दिलाया जाता है तो हमेशा कुछ कह कर टालते रहते हैं.इस झूठी घटना से प्रथम द्दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है की ,पुर्वाग्रह और दुराग्रह से प्रेरित सिविल सर्जन को अपने बचाव का जब और कोई रास्ता नजर नहीं आया सिवाए इसे उलझाने के, तो फिर इतने अमर्यादित तरीके से तथ्यों को उलझाकर पड़ोसा जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते है. इस बीच स्थानीय विधायक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनके द्वारा किये जा रहे गलत क्रिया-कलापों का खुलाशा माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे तथा निवेदन समिति में लिखित निवेदन करने/देने की पूरी तैयारी कर चुके थे .न जाने इस बात की जानकारी उन्हें कैसे हो गयी ? जानकारी होते ही सायद हतास में उन्होंने ये अमर्यादित तथा मनगढ़ंत आरोप लगाने के लिए I.M.A.को भी बिच में लाने परहेज नहीं किये. जबकि I.M.A.के प्रति हमसबों का अच्छा सम्मान है.बिदित हो की दिनांक 19-03-2001 को सदर हॉस्पिटल सहरसा में उन सभी लोगों से प्रसव करने की रकम वसूलने की पेसकस की गयी थी जो प्रसव करवाने के उद्देश्य से सदर हॉस्पिटल सहरसा पहुंचे थे.बिरोध करने पर अपने पालतू गुंडों द्वारा तथा हॉस्पिटल के कर्मचारियों द्वारा उनलोगों की खूब जमकर पिटाई भी करवाई .इस घटना की जानकारी तत्क्षण बिधायक को मिली.और बिधायक ने इस अमानवीय घटनाओं पर CS से त्वरित कार्रवाई करने का आग्रक भी किया है, ताकि घायल परिजनों का तथा दर्द और बेदना से कराहती एक माता को प्रसव पीड़ा से निजात मिल जाय और इसके साथ ही सबोंकी लोकतंत्र में आस्था कायम रह सके.परन्तु सिविल सर्जन पर बिधायक जी के आग्रह का कोई असर नहीं पड़ा IMA डॉक्टरों की एक मदर संस्था है,बिना घटना के जाँच-पड़ताल किये उसे भी इस तरह का एकतरफा बयान जारी नहीं करना चाहिए.ऐसे में आमजनों के बिच संस्था (IMA) की शाख गिरी है. और जिला भाजपा आहात होकर IMA के इस कदम की घोर निंदा करती है.लेकिन बाबजूद इसके की IMA का बयान खेदजनक है.जिला भाजपा सहरसा IMA को इस बिस्वास के साथ स सम्मान ये हक़ लौटाती है की IMA इस घटना की निष्पक्ष जाँच कर हमें हमारी भूल का या फिर अपने भूल का खंडन कर संस्था की गरिमा को बनाए रखने में कामयाब होंगे. तथा तानासाह और दोहरे चरित्र बाले CS के मानसिकता का भी पता चल सके.भारतीय जनतापार्टी, सहरसा जिला इकाई इस जाँच में I.M.A. का पूर्ण अपेक्षित सहयोग करने को तैयार है .जहाँ तक सौर बाजार PHC -प्रभारी की बात है .राज्य के माननीय स्वास्थय मंत्री श्री अश्विनी चौबे के सहरसा आगमन पर सहरसा परिसदन में ही सौर बाज़ार के लोगों ने प्रभारी के बिरुद्ध मंत्री जी से सारी बाते कह सुनायी थी,वहां के लोगों ने प्रभारी के द्वारा वहां के हॉस्पिटल में कम किन्तु अपने निजी क्लिनिक सौर बाज़ार इस्थित 1 तथा सहरसा में 2 PVT. क्लिनिक चलाने में मशगुल रहते हैं.जिसके कारन हॉस्पिटल में आये गरीब व लाचार लोगों को हॉस्पिटल का लाभ नहीं मिल पाता है.अब जहाँ वर्तमान सरकार की ये साफ मनसा है की हमारे बिहार्वशियों का मुफ्त किन्तु बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करना हमारी प्राथमिकता है तो क्या यह उस प्राथमिकता के लिए धत्ता बताने जैसा नहीं..? हॉस्पिटल में गंदगी कुब्यावास्था ब्याप्त है .इनदिनों हॉस्पिटल में गुंडे ,दलाल और कुछ असामाजिक तत्व भी खूब फल-फूल रहे हैं, क्या हॉस्पिटल के प्रभारी को तथा सिविल सर्जन को इन गंदगियों को तथा इन रैकेट्स (बिचोलिये,भ्रस्ताचारियों तथा क्लिनिक के दलालों) से हॉस्पिटल को मुक्त रखने का कोई प्रयास नहीं करना चाहिए ? बदले में आये दिन अख़बार के माध्यम से ये जानकारी मिलती है की हॉस्पिटल में तैनात कुछ डॉ .एवं नर्सें यहांतक की प्रसव -बेदना से करह रही गरीब व लाचार महिला रोगियों से पैसे वशुल करने के लिहाज से PVT . हॉस्पिटल में प्रसव करवाने की नेक सलाह भी देते हैं और सलाह नहीं माने जाने पर उसे उसीके हाल पर मरने छोड़ देते है. और अगर बिरोध किया तो ये इतने सम्बेदन हिन् और तानासाह भी हो गए हैं की धन कमाने के लिए ये उनके साथ कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं .ये तानासाह पेसेवेर डॉ.उन रोगियों को तथा रोगी के परिजनों को जो इनका बिरोध करते हैं ,अपने पालतू गुर्गे से खूब पिटवाते भी हैं.ऐसी ही एक हालिया वाकिया दिनांक19-मार्च,2011 का है जो की दिनांक 22 मार्च,2011 को स्थानीय अख़बार प्रभात खबर में प्रमुखता से छपी है ,जिसमे यहाँ तक दिखाया गया है की,प्रसूति माता के साथ आये परिजनों का इसकदर धुनाई हुआ जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती ,और ,फिर न्याय की गुहार लगा रहे उन घायलों के परिजनों ने S.P. के आवास का घेराव कर दोषी नर्स व उनके डॉ. पति की गिरफ्तारी की मांग पर देर रात्रि के तक डटे रहे अंततः S.P.के रीडर के अस्वासन पर घायल लोग शांत हुए(अख़बार की कटिंग संलग्न है). दिलचस्प बात तो यह है की डॉ.वि.एस.यादव (उपधीकछक,सदर अस्पताल सहरसा) ने भी उपरोक्त घटना पर बिलकुल सम्बेदनहीन टिपण्णी करने से परहेज नहीं किये . डॉ.वि.एस.यादव ने उपरोक्त घटना के बारे में सिर्फ इतना कहा की डॉ.नर्स और रोगी के परिजन के बिच कोई घटना नहीं बल्कि उनके जानकारी में रोगी के परिजन आपस में ही किसी बात के लिये लड़ रहे थे. बिडम्बना यह देखिये की उपरोक्त घटना के दोसी नर्स करुना शंकर एवं उनके डॉ0 पति बिजय शंकर ही आई IMA के सचिव बताये जाते हैं जो "सूर्या-क्लिनिक" के नाम पर लोगों का खूब धन ऐंठने में माहिर माने जाते हैं .DR. बिजय शंकर और उनकी ही पत्नी करुना शंकर जो स्थानीय हॉस्पिटल में नर्स के रूप में इन्ही सिविल सर्जन के रहमो-करम पर काम कर रही हैं .ऐसा प्रतीत होता है की हॉस्पिटल में रहकर वह के रोगी को बहला फुश्ला व डरा-धमकाकर निजी नर्सिंग होम में लेन बाली नर्स के DR.पति IMA का सचिव और उनका संरक्षण देनेबाला सिविल सर्जन के बिच कही न कहीं लुट लाओ बाँट खाओ बाला या फिर क्या भाई चाचा हाँ भतीजा बाला रिश्ता तो नहीं ..?स्थानीय बिधायक इस घटना से काफी मर्माहत हैं . चूँकि ओ सबका भला चाहते हैं ,और यही लोगो की भलाई की एक मात्र मनसा भी है.ऐसे जनता की परेसनियों को हाथों-हाथ लेने पर हॉस्पिटल के दलाल माफिया के चंगुल से मुक्त करने के प्रयासों पर भी अगर समिति (IMA) द्वारा इस तरह के मनगढ़ंत,अमर्यादित आरोप तथा चरित्र हनन जैसे आरोप लगाये जाएँ और हमें तथा हमारे जनप्रतिनिधि को ऐसे अपमान सहना पड़े तो जिला भारतीय जनता पार्टी(सहरसा इकाई) संघ(IMA) प्रतिनिधि का स्वागत करती है तथा अपने सभी भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकारी सदर होस्पितालों में ब्याप्त उन सभी गंगियों ,कुरीतियों,भ्रस्ताचारियो से हॉस्पिटल को पूर्णरूपेन मुक्त रखने का आह्वान करती है..! इस आपात-बैठक में मुख्य रूप से पार्टी के सभी निम्नलिखित कार्यकर्तागण मौजूद थे .
1 . जिला अध्यक्ष - राजीव रंजन २. पूर्व जिला अध्यक्ष – श्री कृष्ण मुरारी प्रसाद ३. जिला महामंत्री - श्री नविन कुमार पांडे 4 .जिला महामंत्री - श्री कृष्ण झा ५. जिला महामंत्री - श्री संजीव कुवर ६. जिला प्रवक्ता - डॉ0 रवीन्द्र कुमार सिंह 7 .जिला उपदाध्य्क्ष - सावित्री सिंह ८. जिला उपदाध्य्क्ष - शशि ओझा९. जिला उपदाध्य्क्ष - इंदु श्रीवास्तव १०. जिला उपदाध्य्क्ष - विनय कुमार झा ११. जिला उपदाध्य्क्ष - मदन प्रसाद चौधरी १२. मंत्री उर्मिला देवी १३. कोश्धय्क्ष - युगल भिम्सेरिया १४. मीडिया प्रभारी - दिवाकर सिंह१५. नगर अध्यक्ष बजरंग गुप्ता १६. महा मंत्री- कुश मोदी १७. युवा मोर्चा अध्यक्ष - राज किशोर झा १८. मैहिला मोर्चा अध्यक्ष - नविता पाठक १९. जीशु सिंह 20 .पप्पू झा २१. अभिजीत आनंद २२ .रूद्र नारायण ठाकुर २३.बिपिन प्रकाश २४.राजेश गुप्ता २५.दिनेश यादव २६.शिव्भुशन सिंह २७,संजय कुमार बसिष्ठ २८.किरण गुप्ता आदि मौजूद थे.
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