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प्रकाशनार्थ-प्रेषित
दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली आंदोलनों में बापू का ‘नमक सत्याग्रह’ भी
पूज्य बापू महात्मा गाँधी एक 'बिचार' एक 'आदर्श' के बारे में चर्चा को आगे बढ़ाते हुए पार्टी प्रवक्ता डॉ.रवींद्र ने कहा
जहाँ "गाँधी" एक 'बिचार' का नाम है एक 'आदर्श' का नाम है ,वहीँ "गांधी" एक आन्दोलन और एक क्रान्ति का भी नाम है .वैसे तो
दुनियां में आन्दोलन बहुत हुए आपको याद भी होगा हीं. लेकिन उनमें से कुछ 10 (Ten)आन्दोलन जैसे चीन में थियानमन चौराहे
के विरोध प्रदर्शन ;दक्षिण अफ्रीका में केपटाउन के परपल रेन
प्रोटेस्ट ; मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ इस वर्ष जनवरी में हुए विशाल
प्रदर्शन ; ईरान में 1978 के मोहर्रम विरोध प्रदर्शन और वर्ष 1986 में हुए पीपुल पॉवर विरोध प्रदर्शन समलैंगिक अधिकारों को लेकर वर्ष 1969 में न्यूयार्क में चले स्टोनवाल
आंदोलन ; वियतनाम युद्ध के खिलाफ वाशिंगटन में हुए विशाल प्रदर्शन ;वर्ष 1963 में वाशिंगटन में निकाले गये ‘सिविल राइट मार्च’ ;समलैंगिक अधिकारों को लेकर वर्ष 1969 में न्यूयार्क में चले स्टोनवाल
आंदोलन ;
10 प्रभावशाली आंदोलनों की सूची में अमेरिकी
स्वतंत्रता आंदोलन में निर्णायक भूमिका निभाने वाली ‘बोस्टन चाय पार्टी’ एवं भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान
महात्मा गांधी की अगुवाई में हुए ‘नमक सत्याग्रह’ प्रमुख हैं . अमेरिका की प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने भारत के
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी की अगुवाई में हुए ‘नमक सत्याग्रह’ को दुनिया के सर्वाधिक प्रभावशाली 10 (दस) आंदोलनों में शामिल भी किया है. वर्ष 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में
दांडी यात्रा के दौरान किए गए 'नमक सत्याग्रह' को टाइम ने दुनिया में सर्वाधिक प्रभावशाली व क्रांतिकारी परिवर्तन लाने
वाले 10 महत्वपूर्ण
आंदोलनों की सूची में दूसरे स्थान पर रखा है. बापू ने मार्च 1930 में अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम
से 24 दिन की यात्रा
शुरू की थी. यह यात्रा समुद्र के किनारे बसे शहर दांडी के लिए थी जहां जा कर बापू
ने औपनिवेशिक भारत में नमक बनाने के लिए अंग्रेजों के एकछत्र अधिकार वाला कानून
तोड़ा और नमक बनाया था. इस अहिंसक आंदोलन के बाद देश में अंग्रेजी शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा
आंदोलन शुरू हुआ था. उनदिनों भारत पर ब्रिटेन की लंबे समय तक चली हुकूमत कई मायने
में बड़ा ही महत्वपूर्ण था . इस ब्रिटेनी हुकूमत का सम्बन्ध चाय, कपड़ा और यहां तक कि नमक जैसी वस्तुओं पर
एकाधिकार कायम करने से जुड़ी थी. औपनिवेशिक हुकूमत के तहत भारतीय न तो खुद नमक बना
सकते थे और न ही बेच सकते थे. उन्हें ब्रिटेन में बना और वहां से आयात किया गया
महंगा नमक खरीदना पड़ता था. इस सत्याग्रह ने ब्रिटिश वर्चस्व तोड़ने के लिए
भावनात्मक एवं नैतिक बल दिया था. करिश्माई
व्यक्तित्व के धनी ‘बापू’ स्वतंत्रता आंदोलन के नेता महात्मा गांधी ने अहमदाबाद शहर से
छोटे से समुद्र तटीय शहर दांडी के लिये 24 दिवसीय नमक सत्याग्रह शुरू किया. इस यात्रा के दौरान बड़ी
संख्या में बापू के समर्थक उनके साथ जुड़ गये.
महात्मा गांधी और उपस्थित जनसमुदाय ने मिलकर समुद्र से नमक बनाया. इसकी वजह
से हजारों भारतीय कुछ महीने के अंदर गिरफ्तार किये गये. इससे एक चिंगारी भड़की जो 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' में बदल गई. इसने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष
और स्वयं गांधी को 'बापू' के रूप में पारिभाषित किया. यही वो बिरोध मार्च है जिसे ‘नमक सत्याग्रह’ कहा गया , और यही अंग्रेजी हुकूमत के पतन का भावनात्मक और नैतिक आधार भी है .वास्तव
में यही वो आंदोलन है जिसने भारत में जमे
विदेशी हुकूमत की नींव हिला दी . आज के इस बैठक में 1.भाजपा जिला अध्यक्ष
श्री राजीव रंजन ; पूर्व
जिला अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी प्रसाद 2.
भाजपा बिधायक डॉ. आलोक रंजन 3.
जिला महामंत्री -श्री नविन कुमार पांडे; श्री क्रिशन झा ;संजीव कुंवर;
4.जिला उपाध्यक्ष श्री माधव झा; श्री कृष्ण झा;श्री
सुबोध कुमार रॉय ; बिनय कुमार झा; श्रीमती .सावित्री सिंह ;श्रीमती. इंदु श्रीवास्तवा ; श्री रूद्र नारायण ठाकुर ; शशि ओझा; श्री दिनेश प्रसाद
यादव ५.अल्प शंख्यक प्रकोष्ठ के
संयोजक डॉ. प्रोफ़ेसर एहशान शाम 6. भाजपा जिला /पार्टी -प्रवक्ता डॉ.रविन्द्र कुमार
सिंह 7. मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह 11.जिला मंत्री -बिन्दुमोहन झा ;श्रीमति ललिता ठाकुर; मंजू चौधरी 12. जिला युवा मौर्चा अध्यक्ष राजकिशोर
झा 13. नौहट्टा
मंडल अध्यक्ष सह जिला परिषद् सदश्य श्री हीरेन्द्र कुमार मिश्र हीरा 14. महिला मौर्चा अध्यक्षा श्रीमति नमिता पाठक 15.
बिपिन प्रकाश ;शिव्भुशन सिंह ;श्री चंद्रशेखेर सिंह ;संजीव सिंह ;नगर अध्यक्ष श्री बजरंग गुप्ता ;महामंत्री
कुश कुमार मोदी ;अनोज कुमार सिंह बब्बन पवन शर्मा ; साजन शर्मा ;
श्री लक्ष्मीनारायण झा ; शक्ति गुप्ता ; संतोष कुमार मुंगेरी ; मु.शमीम ;
रौशन गांधी ;
रंजित कुमार चौधरी ; भगवान् झा
;रविन्द्र कुमार झा रंजित कुमार चौधरी ; फूल बाबू ; मु. नुरुल्ला आजाद
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