LETTER NO A- 274 DATED 21-05-12
सेवा में ,
माननीय प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार ,नयी दिल्ली
द्वारा :- जिलाधिकारी ,सहरसा
महाशय राज्य के रूप में बिहार के अस्तित्व में अआने के 100 बर्ष पुरे हो चुके ह. बिहार ने अनेकों बार देश की तक़दीर और तस्वीर बदलने के लिए न केवल शंखनाद किया है बल्कि ,अहम् भूमिका निभायी है । बिभाजन के बाद राज्य की तस्वीर बदली,तक़दीर बदला और भूगोल ने तो मानो बिहार की साडी समृद्धि ही छीन ली। वास्तव में सन 2000 का बिहार अब वो बिहार है जिसके पास न खान है और न ही बन संपदा . ये साडी खुशियाँ अब झारखंड के पास है . बिहार के पास बची तो केवल मृत प्राय कुछ मिले चरमराया आर्थिक ढांचा और कोशी की बिभिशिका . पूर्ववर्ती राजद और कोंग्रेस की कुप्रबंधन एवं भ्रष्टाचार ने मानव विकास सूचकांक शाक्षर्ता , निर्धनता की दृष्टि से बिहार को देस में निचले पायदान पर ला खड़ा कर दिया. हालांकि पिछले सात बर्षों में बर्तमान भाजपा जदयू (NDA) के शासन काल ले की तशवीर बदली है। प्रदेस अब बिकास की और अग्रसर हुवा है किन्तु उसे बिकसित राज्य बनाने के लिए विशेष राज्य के दर्जे की नितांत आवश्यकता है और इसके कुछ कारक भी मौजूद हैं।घनत्व की दृष्टि से बिहार देश में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व बाला राज्य है। देस में जन्शंख्या घनत्व का मानक स्तर 382 ब्यक्ति /बी/बर्ग किलोमीटर है बिहार का घनत्व 1102 ब्यक्ति प्रति बर्ग किलोमीटर है। इसलिए बिहार के संसाधन पर देस के अन्य राज्य की तुलना में ज्यादा बड़ा बोझ है। प्रति ब्यक्ति आय की दृष्टि से भी बिहार का औसत आय 16592 है जो राष्ट्रीय स्तर पर काफी पीछे है। गरीबी रेखा से निचे के ब्यक्ति को जो केन्द्रीय सहायता प्रति बर्ष दी जाती है वह भी न्यूनतम ही। मात्र 679.26 रूपये मात्र है। गरीबी रेखा से निचे बाले लोगों की आबादी 54% है जो देश में सर्वाधिक है। बिहार के पिछड़े होने के प्राकृतिक कारण भी बिद्धमान हैं। बिहार अपनी अन्तर्राष्टीय सीमा , तीब्र बाढ़ प्रबंधन क्षेत्र होने के कारण विशिष्ट भोगोलोक क्षेत्र में आता है। हिम्मालय की ढालवा क्षेत्र होने के कारण बढ़ से प्रति बर्ष अपूर्णीय छाती होती है। विकास की गति पर प्रतिकूल असर होता है। कई माह तक बिहार में भोगोलिक रूप से संपर्क समाप्त हो जाता है वहीँ दक्षिणी बिहार में सुखाद होने के कारन प्रति बर्ष किशानों की अपूर्णीय छाती होती है। इसप्रकार राज्य भोगोलिक Isuletion दुर्गम भू-क्षेत्र कमजोर सहायता आधार, कमजोर आधारभूत संरचना ,अधिक जनसंख्या होने के कारण राज्य को बिशेष संरक्षण की आवश्यकता है। साथ ही वे सभी मापदंड राज्य को बिशेष राज्य का दर्जा देने के मापदंडों को पूरा करता है। फिर भी यदि पूर्व से तय भारत सरकार के मानदंडों में संशोधन करने की आवश्यकता हो तो सरकार के मंत्री मंडलीय समिति को इन मानदंडों में संशोधन कर बिहार को बिशेष राज्य का दर्जा देकर लोकतंत्र की मार्यादा का सम्मान करना चाहिए।
केंद्र सर्कार की मंत्रीमंडलीय समिति एवं योजना आयोग के सचिव एवं केंदीय वित्त सचिव (व्यय ) ने पिछले माह बिहार को विशेष श्रेणी के प्रस्ताव को निरस्त किया है तथा कहा है कि बिहार बिशेष राज्य के दर्जा के लिए फिट नहीं बैठता , निर्धारित मानदंडों लो पूरा नहीं करता है। माननीय प्रधान मंत्री जी यह रिपोर्ट जितना खेदजनक है उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण तथा दुर्भावना से ग्रसित भी है।
भाजपा इस रिपोर्ट का बिरोध करती है . रिपोर्ट पढने से ऐसा प्रतीत होता है कि यह रिपोर्ट पूर्व नियोजित, दुर्भावना एवं पूर्वाग्रह की मानशिकता से ग्रसित तथा 10 करोड़ 38 लाख बिहारी जनता के भावनाओं को नीचा दिखाने बाला रिपोर्ट प्रतीत होता है। भाजपा बिहार को बिशेष राज्य के दर्जा दिलाने के लिए संसद से सडक तक सतत संघर्षशील है
भाजपा का स्पष्ट मंशा है कि केंद्र सरकार राजनैतिक बिद्वेष की भावना से ऊपर उठकर बिहार के 10 करोड़ 38 लाख जनता के भावनाओं का सम्मान करें जो लोकतांत्रिक भी है। ठीक इसके बिपरीत ऐसा नहीं करने पर हम सभी बिहारी बिहार का साथ केंद्र का सौतेलापन ब्यवहार मानते हैं , ये अन्याय है बिहार की जनता इसे हरगिज बर्दस्त नहीं करेगी . पार्टी आमजनों के भावनाओं के साथ है और उनके अनुरूप बिशेष राज्य के दर्जा तक जन आन्दोलन करती रहेगी। इसी में आज 21 मई 2012 को सभी जिला मुख्यालयों पर महाधरना कार्यक्रम आयोजित की गयी है।
अतः आप्सेसाग्रह है कि ब्यापक बिहार हित में अविलम्ब राज्य को बिशेष राज्य का दर्जा देकर बिहार की मनोभावना का सम्मान करें जो लोकतंत्र के हित में भी है।
आज के इस धरना सभा को मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह बिधान पार्षद श्री राजबंशी सिंह जी , भाजपा बिधायक डॉ. आलोक रंजन ,जिला अध्यक्ष श्री राजीव रंजन के अतिरिक्त स्वयं मैं पार्टी -प्रवक्ता डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह , मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ,पूर्व जिला अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी प्रसाद ,प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक डॉ. प्रोफ़ेसर एहशान शाम , जिला महामंत्री -श्री नविन कुमार पांडे; श्री कृष्ण झा ;संजीव कुंवर; जिला उपाध्यक्ष श्री माधव चौधरी ; श्री कृष्ण झा;श्री सुबोध कुमार रॉय ; बिनय कुमार झा; श्रीमती सावित्री सिंह , श्रीमती शशि ओझा ;श्रीमती. इंदु श्रीवास्तवा ; श्री रूद्र नारायण ठाकुर ; श्री दिनेश प्रसाद यादव , भाजपा जिला ,मानवाधिकार अध्यक्ष श्री शिव भूषण सिंह, ब्रजमोहन पासवान , जिला मंत्री -बिन्दुमोहन झा ;श्रीमति ललिता ठाकुर; मंजू चौधरी , नौहट्टा मंडल अध्यक्ष सह जिला परिषद् सदस्य श्री हीरेन्द्र कुमार मिश्र हीरा , मंडल अध्यक्ष महिषी श्री लक्ष्मीकांत झा , सतरकटैया श्री रमेश सिंह , पतरघट श्री रामदेव शाह , कहरा -ग्रामीण श्री राजेश कुमार , सिमरीबख्तियारपुर श्री दिलीप कुमार भगत / शाह , नगर अध्यक्ष ...., संबोधित किया .
. धरना कार्यक्रम में महामंत्री कुश कुमार मोदी, अनोज कुमार बब्बन, बनमा उमेश कुमार , सौर रमेश कुमार रमण , सोनबरसा राज अमरेन्द्र कुमार सिंह बब्बन ,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मिहीर कुमार झा , झुग्गी झोपडी मंच जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार झा (फूल बाबू झा), ,महिला मौर्चा अध्यक्षा श्रीमति नमिता पाठक , बीस सूत्री सदस्य बिपिन प्रकाश ;श्री चंद्रशेखेर सिंह ;संजीव सिंह ;नगर महामंत्री कुश कुमार मोदी ;अनोज कुमार सिंह बब्बन पवन शर्मा ; अत्यंत पिछड़ा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष साजन शर्मा ; महामंत्री श्री कमलेश दस मुंशी , , महामंत्री अजीत कुमार सिंह , शक्ति गुप्ता , ब्रजमोहन पासवान , अनिल राम , महेंद्र राम , रघुनन्दन यादव , अनिल राम , अल्प संख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोO नूरुल्लाह आजाद , मोO रहमानी , शक्ति गुप्ता ;गणेश प्रसाद , अविनाश शंकर "बनती" , रौशन गांधी ; भगवान् झा ; रंजित कुमार चौधरी ; आदि शामिल हैं / थे.
पार्टी प्रवक्ता "रवीन्द्र"
सेवा में ,
माननीय प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार ,नयी दिल्ली
द्वारा :- जिलाधिकारी ,सहरसा
महाशय राज्य के रूप में बिहार के अस्तित्व में अआने के 100 बर्ष पुरे हो चुके ह. बिहार ने अनेकों बार देश की तक़दीर और तस्वीर बदलने के लिए न केवल शंखनाद किया है बल्कि ,अहम् भूमिका निभायी है । बिभाजन के बाद राज्य की तस्वीर बदली,तक़दीर बदला और भूगोल ने तो मानो बिहार की साडी समृद्धि ही छीन ली। वास्तव में सन 2000 का बिहार अब वो बिहार है जिसके पास न खान है और न ही बन संपदा . ये साडी खुशियाँ अब झारखंड के पास है . बिहार के पास बची तो केवल मृत प्राय कुछ मिले चरमराया आर्थिक ढांचा और कोशी की बिभिशिका . पूर्ववर्ती राजद और कोंग्रेस की कुप्रबंधन एवं भ्रष्टाचार ने मानव विकास सूचकांक शाक्षर्ता , निर्धनता की दृष्टि से बिहार को देस में निचले पायदान पर ला खड़ा कर दिया. हालांकि पिछले सात बर्षों में बर्तमान भाजपा जदयू (NDA) के शासन काल ले की तशवीर बदली है। प्रदेस अब बिकास की और अग्रसर हुवा है किन्तु उसे बिकसित राज्य बनाने के लिए विशेष राज्य के दर्जे की नितांत आवश्यकता है और इसके कुछ कारक भी मौजूद हैं।घनत्व की दृष्टि से बिहार देश में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व बाला राज्य है। देस में जन्शंख्या घनत्व का मानक स्तर 382 ब्यक्ति /बी/बर्ग किलोमीटर है बिहार का घनत्व 1102 ब्यक्ति प्रति बर्ग किलोमीटर है। इसलिए बिहार के संसाधन पर देस के अन्य राज्य की तुलना में ज्यादा बड़ा बोझ है। प्रति ब्यक्ति आय की दृष्टि से भी बिहार का औसत आय 16592 है जो राष्ट्रीय स्तर पर काफी पीछे है। गरीबी रेखा से निचे के ब्यक्ति को जो केन्द्रीय सहायता प्रति बर्ष दी जाती है वह भी न्यूनतम ही। मात्र 679.26 रूपये मात्र है। गरीबी रेखा से निचे बाले लोगों की आबादी 54% है जो देश में सर्वाधिक है। बिहार के पिछड़े होने के प्राकृतिक कारण भी बिद्धमान हैं। बिहार अपनी अन्तर्राष्टीय सीमा , तीब्र बाढ़ प्रबंधन क्षेत्र होने के कारण विशिष्ट भोगोलोक क्षेत्र में आता है। हिम्मालय की ढालवा क्षेत्र होने के कारण बढ़ से प्रति बर्ष अपूर्णीय छाती होती है। विकास की गति पर प्रतिकूल असर होता है। कई माह तक बिहार में भोगोलिक रूप से संपर्क समाप्त हो जाता है वहीँ दक्षिणी बिहार में सुखाद होने के कारन प्रति बर्ष किशानों की अपूर्णीय छाती होती है। इसप्रकार राज्य भोगोलिक Isuletion दुर्गम भू-क्षेत्र कमजोर सहायता आधार, कमजोर आधारभूत संरचना ,अधिक जनसंख्या होने के कारण राज्य को बिशेष संरक्षण की आवश्यकता है। साथ ही वे सभी मापदंड राज्य को बिशेष राज्य का दर्जा देने के मापदंडों को पूरा करता है। फिर भी यदि पूर्व से तय भारत सरकार के मानदंडों में संशोधन करने की आवश्यकता हो तो सरकार के मंत्री मंडलीय समिति को इन मानदंडों में संशोधन कर बिहार को बिशेष राज्य का दर्जा देकर लोकतंत्र की मार्यादा का सम्मान करना चाहिए।
केंद्र सर्कार की मंत्रीमंडलीय समिति एवं योजना आयोग के सचिव एवं केंदीय वित्त सचिव (व्यय ) ने पिछले माह बिहार को विशेष श्रेणी के प्रस्ताव को निरस्त किया है तथा कहा है कि बिहार बिशेष राज्य के दर्जा के लिए फिट नहीं बैठता , निर्धारित मानदंडों लो पूरा नहीं करता है। माननीय प्रधान मंत्री जी यह रिपोर्ट जितना खेदजनक है उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण तथा दुर्भावना से ग्रसित भी है।
भाजपा इस रिपोर्ट का बिरोध करती है . रिपोर्ट पढने से ऐसा प्रतीत होता है कि यह रिपोर्ट पूर्व नियोजित, दुर्भावना एवं पूर्वाग्रह की मानशिकता से ग्रसित तथा 10 करोड़ 38 लाख बिहारी जनता के भावनाओं को नीचा दिखाने बाला रिपोर्ट प्रतीत होता है। भाजपा बिहार को बिशेष राज्य के दर्जा दिलाने के लिए संसद से सडक तक सतत संघर्षशील है
भाजपा का स्पष्ट मंशा है कि केंद्र सरकार राजनैतिक बिद्वेष की भावना से ऊपर उठकर बिहार के 10 करोड़ 38 लाख जनता के भावनाओं का सम्मान करें जो लोकतांत्रिक भी है। ठीक इसके बिपरीत ऐसा नहीं करने पर हम सभी बिहारी बिहार का साथ केंद्र का सौतेलापन ब्यवहार मानते हैं , ये अन्याय है बिहार की जनता इसे हरगिज बर्दस्त नहीं करेगी . पार्टी आमजनों के भावनाओं के साथ है और उनके अनुरूप बिशेष राज्य के दर्जा तक जन आन्दोलन करती रहेगी। इसी में आज 21 मई 2012 को सभी जिला मुख्यालयों पर महाधरना कार्यक्रम आयोजित की गयी है।
अतः आप्सेसाग्रह है कि ब्यापक बिहार हित में अविलम्ब राज्य को बिशेष राज्य का दर्जा देकर बिहार की मनोभावना का सम्मान करें जो लोकतंत्र के हित में भी है।
आज के इस धरना सभा को मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह बिधान पार्षद श्री राजबंशी सिंह जी , भाजपा बिधायक डॉ. आलोक रंजन ,जिला अध्यक्ष श्री राजीव रंजन के अतिरिक्त स्वयं मैं पार्टी -प्रवक्ता डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह , मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ,पूर्व जिला अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी प्रसाद ,प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक डॉ. प्रोफ़ेसर एहशान शाम , जिला महामंत्री -श्री नविन कुमार पांडे; श्री कृष्ण झा ;संजीव कुंवर; जिला उपाध्यक्ष श्री माधव चौधरी ; श्री कृष्ण झा;श्री सुबोध कुमार रॉय ; बिनय कुमार झा; श्रीमती सावित्री सिंह , श्रीमती शशि ओझा ;श्रीमती. इंदु श्रीवास्तवा ; श्री रूद्र नारायण ठाकुर ; श्री दिनेश प्रसाद यादव , भाजपा जिला ,मानवाधिकार अध्यक्ष श्री शिव भूषण सिंह, ब्रजमोहन पासवान , जिला मंत्री -बिन्दुमोहन झा ;श्रीमति ललिता ठाकुर; मंजू चौधरी , नौहट्टा मंडल अध्यक्ष सह जिला परिषद् सदस्य श्री हीरेन्द्र कुमार मिश्र हीरा , मंडल अध्यक्ष महिषी श्री लक्ष्मीकांत झा , सतरकटैया श्री रमेश सिंह , पतरघट श्री रामदेव शाह , कहरा -ग्रामीण श्री राजेश कुमार , सिमरीबख्तियारपुर श्री दिलीप कुमार भगत / शाह , नगर अध्यक्ष ...., संबोधित किया .
. धरना कार्यक्रम में महामंत्री कुश कुमार मोदी, अनोज कुमार बब्बन, बनमा उमेश कुमार , सौर रमेश कुमार रमण , सोनबरसा राज अमरेन्द्र कुमार सिंह बब्बन ,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मिहीर कुमार झा , झुग्गी झोपडी मंच जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार झा (फूल बाबू झा), ,महिला मौर्चा अध्यक्षा श्रीमति नमिता पाठक , बीस सूत्री सदस्य बिपिन प्रकाश ;श्री चंद्रशेखेर सिंह ;संजीव सिंह ;नगर महामंत्री कुश कुमार मोदी ;अनोज कुमार सिंह बब्बन पवन शर्मा ; अत्यंत पिछड़ा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष साजन शर्मा ; महामंत्री श्री कमलेश दस मुंशी , , महामंत्री अजीत कुमार सिंह , शक्ति गुप्ता , ब्रजमोहन पासवान , अनिल राम , महेंद्र राम , रघुनन्दन यादव , अनिल राम , अल्प संख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोO नूरुल्लाह आजाद , मोO रहमानी , शक्ति गुप्ता ;गणेश प्रसाद , अविनाश शंकर "बनती" , रौशन गांधी ; भगवान् झा ; रंजित कुमार चौधरी ; आदि शामिल हैं / थे.
पार्टी प्रवक्ता "रवीन्द्र"
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