देश आज आजादी के वीर सिपाही भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव की 81वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित कर रहा है.80 साल पहले 23 मार्च 1931 की सुबह इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया था और आजादी के इन दीवानों ने इतनी छोटी सी उम्र में मौत को हंसते-हंसते गले लगाकर पूरी दुनिया के सामने एक अद्भूत मिसाल पेश कर दिया .वास्तव में इन तीनों को फांसी पर लटकाने के बाद देश भर में एक ऐसा पैदा हुए माहौल पैदा हुआ जो क्रांति की इस आग में घी डालने का काम किया ,और फिर क्या था ? देश के कोने-कोने में अंग्रेजो के खिलाफ प्रदर्शन उग्र हो उठे. कमीशन का विरोध करते वक्त लाला लाजपतराय की मौत पर गुस्साए भगतसिंह ने अपने दो क्रन्तिबीर साथियों राजगुरू और सुखदेव के साथ मिलकर लाहौर में तैनात एक अंग्रेज पुलिस अधिकारी सैण्डर्स की गोली मार कर हत्या कर दी. परिणाम स्वरुप उन्हें महज 23 साल की उम्र में फांसी पर चढ़ा दिया गया और वतन के दीवाने शहीद हो गए .पंजाब के ही एक देशभक्त परिवार में जन्में भगतसिंह किशोरवस्था में ही क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए और साइमनलुधियाना में जन्मे सुखदेव ने भगतसिंह का पूरा साथ दिया. सुखदेव रामप्रसाद बिस्मिल और चन्द्रशेखर आजाद से बेहद प्रभावित थे. महाराष्ट्र के ब्राह्वम्ण परिवार में पैदा हुए राजगुरू भी देशभक्ति की अनूठी मिसाल बने . और भगतसिंह और सुखदेव के साथ मिलकर लाहौर में लाठीचार्ज का आदेश देने वाले पुलिस अधिकारी को मौत के घाट उतार दिया.
भारतीय लोकतंत्र की जड़े काफी मजबूत है .लोकतंत्र आगे भी काफी मजबूत रहे इसके लिए देश के उन तमाम वर्गों का सहयोग करना पड़ेगा जिनके हिफाजत की हमारे सहिदों के मन काफी चिंता थी और जिनके सहयोग से उनके आत्मा को शांति मिलती है .सामाजिक व आर्थिक तरक्की में दलित-शोषित और असहाय ,बिधवा,विकलांग तथा अन्य पिछड़े वर्गों का हर संभव सहयोग एवं समाज में नशे, भ्रूण हत्या,बल विवाह ,यौन शोषण , महिला उत्पीडन ,बेईमानी, भ्रष्टाचार ,कालाबाजारी व दहेज जैसी बुराईयों को खत्म करने का प्रण लें.यही शहीदों को आज के दिन सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी.शहीद ए आजम व महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी ..आईये हमसब मिलकर मन-कर्म बचन से अपने वतन के दीवाने पूर्वजों को उनके भावनायों के अनुरूप आचरण कर उन्हें उनके 81 वीं सहादत दिवस पर उनके सम्मान में अपने-अपने स्थान पर खडे होकर कुछ पल का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ! इन शहीदों को जिला भाजपा सहरसा की तरफ से शत -शत नमन ! जय हिंद ! जय अमर शहीद !
डॉ.रविन्द्र कुमार सिंह (भाजपा जिला प्रवक्ता,SAHARSA )
भारतीय लोकतंत्र की जड़े काफी मजबूत है .लोकतंत्र आगे भी काफी मजबूत रहे इसके लिए देश के उन तमाम वर्गों का सहयोग करना पड़ेगा जिनके हिफाजत की हमारे सहिदों के मन काफी चिंता थी और जिनके सहयोग से उनके आत्मा को शांति मिलती है .सामाजिक व आर्थिक तरक्की में दलित-शोषित और असहाय ,बिधवा,विकलांग तथा अन्य पिछड़े वर्गों का हर संभव सहयोग एवं समाज में नशे, भ्रूण हत्या,बल विवाह ,यौन शोषण , महिला उत्पीडन ,बेईमानी, भ्रष्टाचार ,कालाबाजारी व दहेज जैसी बुराईयों को खत्म करने का प्रण लें.यही शहीदों को आज के दिन सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी.शहीद ए आजम व महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी ..आईये हमसब मिलकर मन-कर्म बचन से अपने वतन के दीवाने पूर्वजों को उनके भावनायों के अनुरूप आचरण कर उन्हें उनके 81 वीं सहादत दिवस पर उनके सम्मान में अपने-अपने स्थान पर खडे होकर कुछ पल का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ! इन शहीदों को जिला भाजपा सहरसा की तरफ से शत -शत नमन ! जय हिंद ! जय अमर शहीद !
डॉ.रविन्द्र कुमार सिंह (भाजपा जिला प्रवक्ता,SAHARSA )
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