भारतीय-लोकतंत्र के रक्षार्थ देस के छात्र-नौजवानों को फिर से उठ खड़े होने की जरुरत है, जिसे गुरुकुल की व्यवस्था ही प्रदान कर सकती है. आज से पहले जिन विभूतियों की चर्चा हम करते हैं उनके पीछे गुरुकुल या फिर इष्ट-निष्ठ गुरु का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं ,मेरे बिचार में आज भी ऐसी ही ब्यवस्था को प्राथमिकता मिलनी चाहिए ! आज भी जहाँ इस सम्पूर्ण आर्यावर्त में गुरु श्रेष्ठ बाल्मीकि,बशिष्ठ,बृहस्पति,विश्
वामित्र,द्रोणाचार्य सरीखे श्रेष्ठ गुरुजनों की कोई कमी नहीं है वहीँ तदनुरूप श्रेष्ठ और सर्व-श्रेष्ठ होने/बाले प्रतिभावान छात्रों की भी कोई कमी नहीं है . जरुरत है वैसे गुरुकुल की स्थापना करने की,अथवा चल रहे गुरुकुल को और पूर्ण विकसित करने की .यह कोई नहीं कह सकता की हमारे बीच के कौन से बालक कल देस और दुनिया को नेतृत्व देगा ...? लेकिन इतना तय है की बर्तमान ही कल का भविष्य और हमारे इन्ही बर्तमान छात्र- नौजवानों के जिम्मे देस का नेतृत्व होगा .यही नौजवान देस का नेतृत्व करेंगे और देस को आगे ले भी जायेंगे .आवश्यकता है इन्हें राम,कृष्ण,लव-कुश,विवेकानंद,भगत सिंह ,चंद्र्शेखेर आजाद,बिश्मिल, लोहिया,सुभाषचंद्र बोष,बीर कुंवर सिंह,लोकनायक जयप्रकाश आदि जैसे महान विभूतियों को व्यवहारिक तौर पर अपना आदर्ष मानकर राष्ट्र के निर्माण में पूरी इमानदारी से अपनी उर्जा का शत-प्रतिशत उपयोग करें, भारतीय-लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के उद्धेश्य को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य एवं सबसे बड़ी उपलब्धि मानकर आगे बढ़ें.हमें विस्वास है की प्राचीन गुरुकुल की व्यवस्था पर राज्य-सरकार व केंद्र सरकार यदि शोध करें ..? उसे लागु करें तो वो दिन दूर नहीं जब सक्षम और ईमानदार नेत्रित्वकर्ता सामने आयेंगे,बीर बलिदानी सुपुत्रों से भरा-पूरा राष्ट्र होगा, देस के सच्चे नागरिक होंगे और होगा स्वच्छ और पारदर्शी सरकार .......! राजा भरथ जैसे अर्थशाष्त्री होंगे और पुनः "राम-राज्य" स्थापित होगा.....!
डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह
भाजपा जिला प्रवक्ता ,सहरसा(बिहार)
डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह
भाजपा जिला प्रवक्ता ,सहरसा(बिहार)
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