शुक्रवार, 24 जून 2011

जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारो

Sunayna-Putra says: जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारो .क्या इसी से उन बेबस और लाचार लोगो का जीवन चल जायेगा जो वास्तव में बिना आर्थिक ,मानवीय और वैचारिक सहायता के एक कदम भी नहीं चल सकता .एसा हरगिज नहीं की उनकी अब कोई अभिलासा ही नहीं ,उनकी कोई ओई पीरा और परेशानी ही नहीं ,उनकी भी बुनियादी जरूरतें होती हैं .उनका भी इस राष्ट्र के प्रति वही सम्मान है जो बिना वैशाखी के चलने बाले लोगो का है ,परन्तु न जाने क्यों यहाँ की सरकार एमपी,एमेले,सरकारी पदाधिकारियों ,पुजीपतियों के बारे में तो तुरत सोच लेती है ,उनके पगार की कमी न हो ,इसे तुरत प्रभाव से लागू भी केर देती है किन्तु एक ब्रिद्ध ,विधवा,विकलांग ,कुष्ट-रोगी के लिए सायद ही कोई हितलाभ रासी उनके जरुरत के अनुसार बढ़ायी जाती हो . मेरा आग्रह है खासकर संतोष भारतीया जी से और सतपाल तंवर जी से की इन उपेक्षित समुदाय को यदि आप अपने अश्तर से उनके अपेक्षित-हितलाभ दिला सकें बर्तमान केंद्रीय सरकार से. और यदि संभव हो तो इन्हें भी पार्लिआमेंट और अस्सेम्ब्ली/बिधानसभा/ राज्यसभा से चुनाव लरने का अवसर प्रदान करबा सके……………….. आपको बहुत-बहुत धन्यवाद ,ढेरों सुभकामनाएँ आपने एक अच्छ प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किया है जहाँ हर कोई अपनी बात रख सकता है .हम सभी काफी गौरवान्वित हैं चौथी दुनिया को पाकर .”जय हिंद” ! .

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