सोमवार, 11 जुलाई 2011

'कालका मेल', तबाही , चीख और पुकार का मंजर.

फतेहपुर। हावडा से दिल्ली जा रही 12311 अप कालका मेल कल जब फतेहपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी तो उसमे सवार यात्रियों को पता नहीं था कि चंद किलोमीटर के फासले पर एक कभी न भूलने वाला हादसा उनका इंतजार कर रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कल दोपहर लगभग सवा बारह बजे मलवां रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी कि तभी लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ दौड़ रही ट्रेन झटके के साथ रूक गई। देखते ही देखते एक के बाद एक गाड़ी के तेरह डिब्बे पटरी से उतर गये। सात डिब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गये।

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