शनिवार, 5 नवंबर 2011

श्रीराम शलाका प्रश्नावली

चौपाई: प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा॥
अर्थः यह चौपाई सुन्दरकाण्ड मे हनुमान जी के लंका मे प्रवेश करने के समय की है। अर्थ यह है  कि भगवान के नाम का स्मरण करते हुये कार्य शुरू करें सफलता मिलेगी।
चौपाई: सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजहि मन कामना तुम्हारी॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड मे सीता जी को गौरी जी का आशिर्वाद है। प्रश्न उत्तम है कार्य सिद्ध होगा।
चौपाई: उघरहिं अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड के आरम्भ की है। कार्य की सफलता मे संदेह है।
चौपाई: बिधि बस सुजन कुसंगत परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड के आरम्भ की है। अर्थ यह है कि बुरे लोगों का संग छोड़ दें कार्य की सफलता मे संदेह है।
चौपाई: होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करितर्क बढ़ावै साखा॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड शिव पार्वती संवाद मे है। कार्य पूरा होने मे संदेह है। प्रभु पर छोड़ दें।
चौपाई: मुद मंगलमय संत समाजू। जो जग जंगम तीरथ राजू॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड मे संत समाजरुपी तीर्थ वर्णन मे आती है। अर्थ यह है कि कार्य सिद्ध होगा।
चौपाई: गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥
अर्थः यह चौपाई सुन्दरकाण्ड मे हनुमान जी के लंका मे प्रवेश करने के समय की है। प्रश्न बहुत श्रेष्ठ है कार्य सिद्ध होगा।
चौपाई: बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सन्मुखधरि काहु न धीरा॥
अर्थः यह चौपाई रावण वध पर मंदोदरी के विलाप के संदर्भ मे है। कार्य पूरा होने मे संदेह है।
चौपाई: सुफल मनोरथ हो हुँ तुम्हारे। रामु लखनु सुनि भए सुखारे॥
अर्थः यह चौपाई विश्वामित्र का आशिर्वाद है। प्रश्न उत्तम है कार्य सिद्ध होगा।
श्रीराम शलाका
चौपाई: सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजहि मन कामना तुम्हारी॥
अर्थः यह चौपाई बालकाण्ड मे सीता जी को गौरी जी का आशिर्वाद है। प्रश्न उत्तम है कार्य सिद्ध होगा।

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