भ्रष्टाचार और महंगाई के आकंठ में डूबी केंद्र की यूं०पी०ए०स रकार

| 3/18/11 ![]() | ![]() ![]() | ||
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आखिरकार भ्रष्टाचार और महंगाई के आकंठ में डूबी केंद्र की यूं०पी०ए०सरकार का जाना लगता है अब तय हो ही गया .
भ्रष्टाचार और महंगाई से चारों और से घिरी केंद्र की यूं०पी०ए०सरकार "विकीलीक्स" के खुलासे के बाद से एनडीए के तीन साल पुराने आरोपों की एक प्रकार से जबरदस्त पुष्टि होती है.इस खुलाशे के बाद प्रधानमंत्री के1 नैतिकता के आधार पर फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए .मेरे समझ से तो उस टीम का मुखिया बने रहने से भला क्या लाभ ?जिस टीम में प्रायःघोटालेबाज सदस्य हीं हों, और फिर जिसे सरकार चलाने के लिए और मुखिया पद पर बने रहने के लिए लोकतंत्र की मर्यादा को ताकपर रखकर १०००००००० -१०००००००० करोड़ रूपये में एक-एक सं1सद(m.p.) खरीद-फ़रोख्त करने की मज़बूरी बनी रहती है. भला ऐसे में पद पर बने रहने का औचित्य ही क्या ? इस बात में कोई शक नहीं कि 2008 में सरकार बचाने के लिए कमजोर सांसदों को ढूंढ़कर उन्हें पैसे देने की मुहिम चलाई गई थी, जिसे कि भाजपा के कुछ सांसदों ने कैश फॉर वोट के जरिए उजागर भी किया tha .अब इन खुलासों के बाद प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह अपना नैतिक अधिकार पूर्ण रुपेन खो चुके हैं और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.यधपि कि 'इस सरकार के अधीन भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं रह गई तथापि हमारी पार्टी ने देश को मध्यावधि-चुनाव से अबतक बचाने का ही कोशिश की इतना ही नहीं बल्कि,आज से पहले हमारी पार्टी ने प्रधानमंत्री का इस्तीफा भी नहीं मांगा था. जिस सरकार में नीचे से ऊपर तक लोग भ्रष्ट हैं. एक दिन भी इस सरकार को नैतिक आधार पर सत्ता में बने रहने का हक भी तो नहीं है.
ये पहली बार है कि जब लगता है कि पूरा का पूरा शासनतंत्र, पार्टी तंत्र भ्रष्टाचार की गगोत्री में शामिल है और खूब बढचढ कर उसमे गोंते लगा रहे हैं ...ये कुछ ऐसे था कि जहां-जहां पर भी जिस-जिस को भो तुम ख़रीद सकते हो ख़रीदो."
सनद रहे की विकीलीक्स एक दस्तावेज़ के अनुसार अमरीकी दूतावास के एक अधिकारी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश शर्मा के एक सहायक ने रुपयों भरी दो तिजोरियाँ दिखाईं थीं और कहा था कि इनमें 50 से 60 करोड़ रुपए हैं जिनका इस्तेमाल घूस देने के लिए किया जाना था. भाजपा के बरिष्ठ नेता आडवाणी ने भी कहा कि विकीलीक्स के ज़रिए सामने आई जानकारी के बाद भारत का लोकतंत्र बदनाम हुआ है.ऐसे में प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना ही चाहिए .
अतः लोकतंत्र के रक्षार्थ जिला भाजपा सहरसा की और से जिला अध्यक्ष राजीव रंजन और मैं पार्टी के बरिष्ठ नेता व् संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष माननीय आडवानी जी एवं लोकसभा में बिपक्ष कि नेत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को उनके लगातार भ्रस्टाचार के बिरुद्ध लराई लरने पर उनके प्रति आभार प्रकट करते हुए पुनः अपने पार्टी की मांग दुहराता हूँ.प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह जी लोकतंत्र के पक्ष में इस्तीफा दें ! इसके साथ ही जिला० भाजपा0 सहरसा तमाम जिला बशियों को होली की ढेरों शुभकामना एवं बधाई देती है !
डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह
जिला प्रवक्ता (भरतीय जनता पार्टी सहरसा )
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