मंगलवार, 24 जनवरी 2012

TO THE CM


सेवा में,
         माननीय मुख्य मंत्री महोदय
                              बिहार सरकार, पटना  
        द्वारा ,
               माननीय  बिधायक बिधान सभा)
विषय :- विकलांग एवं अशाध्य रोग से पीड़ित पति के सेवार्थ व नौनिहाल बच्चों समुचित देख-भाल हेतु नियमों को शिथिल करते हुए स्थानान्तरण एवं पदस्थापन के सम्बन्ध मे
महाशय,
           निवेदन पूर्वक कहना है कि मैं राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय घिवाहा ,पंचायत-परवाहा, प्रखंड-फारबिसगंज,                                                                                               जिला - अररिया में नियोजित प्रखंड शिक्षिका के रूप में वर्ष २००५ ई. से अधतन पदस्थापित होकर कार्यरत हूँ.
        महोदय इसमें कोई संदेह नहीं कि, ये न्युक्ति मुझे उस समय मिली जब बर्ष २००५ में मेरे पति को कैंसर रोग से जीवन बचाने के लिए AIIMS, नयी दिल्ली में उनका एक पैर जांघ तक काट देना पड़ा, और इस तरह वो विकलांगता का जीवन जीने पर विबश हो गए थे. सर्जरी के बाद कीमोथेरापी और रेडीएशन साथ-साथ चलते रहने से उत्पन्न कमजोरी के बाबजूद योगदान काल से हीं अपनी सेवा की चिंता किये बगैर मेरे पतिदेव ने जो मुझे मेरी नैतिक जिम्मेवारी निभाने के लिए मुझे प्रेरित किया है, मैं शब्द में उनके धैर्य व साहस की ब्याख्या नहीं कर सकती. मेरे सामने जहाँ नियमित विद्यालय जाने कि नैतिक जिम्मेवारी है वहीँ हिन्दू धर्म के मुताबिक पतिब्रत धर्म भी कम महत्वपूर्ण नहीं , और एक माँ होने के नाते वात्सल्य प्रेम भी उतना हीं महत्वपूर्ण है. मेरे तीन बच्चे हैं दो पुत्री एवं एक पुत्र जो सबसे छोटा है इसके साथ ही विकलांग पति जो आरम्भ से हीं सहरसा जिला मुख्यालय में रह रहे हैं.
           महोदय मैं अबतक नियमित ड्यूटी तो करती आ रही हूँ किन्तु न तो पति का सेवा का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है और न हीं बच्चों का देख-रेख हीं कर पा रही हूँ . कभी पति की परेशानियों को सुनकर काफी ब्यथित हो जाती हूँ तो कभी बच्चों क़ी पीड़ा सुनकर. सूना है राजा/शासक पिता के समान होते हैं. आपने हम बिहार वासियों के हितार्थ अनेकों नए नियम बनाकर एक आदर्श शासक होने का उदाहरण प्रस्तुत किया है. अपने बनाए गए नियमों /शिक्षक नियमावली में शिथिलीकरण/ संसोधन भी आप ही कर सकते हैं. .
      अतः श्रीमान से साग्रह निवेदन है कि, उपरोक्त वर्णित तथ्यों पर सहानुभूति पूर्वक बिचार करते हुए मानवीय मूल्यों के रक्षार्थ मेरा स्थानान्तरण एवं पदस्थापन सहरसा जिला मुख्यालय के किसी विद्यालय में करने का आदेश देने कि महती कृपा की जाय. ऐसा करने से जहाँ श्रीमान का मेरे ऊपर बड़ी कृपा होगी वहीँ विकलांगता एक्ट १९६६ का सम्मान भी होगा .
 संलग्नक :                                                            श्रीमान का विश्वासभाजिका

  . AIIMS का कागजात
 . पति का फोटोग्राफ्स
3.  पूर्व में सम्बंधित प्राधिकारियों को दिए गए प्रतिलिपि की
छाया प्रति                                                                          भारती कुमारी (प्रखंड शिक्षिका)
                                                             राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, घिवहा
                                                                  पंचायत-परवाहा; प्रखंड-फारबिसगंज

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