मंगलवार, 24 जनवरी 2012

TO THE DM


LETTER NO A-239                 DATED 21-01-12

सेवा में

            श्रीमान जिला पदाधिकारी

                            सहरसा

महाशय

   जहाँ एक ओर देस ६3 वां  गणतंत्र दिवस मानाने जा  रहा है वहीँ दूसरी ओर सहरसा में गिरती बिधि ब्यवस्था, नगर परिषद् की लचर ब्यवस्था/अनियमितता, निबंधन कार्यालय में ब्याप्त  कुब्यावास्था /अनियमितता,जिले में अनुसूचित बच्चों की छ्त्रवृति तथा निः-शक्त जनों की सहायता राशी में बरती जा रही धांधली व लुट,कबीर अंत्येष्ठी का लाभ न दिया जाना जिला प्रसाशन के लिए  चिंता का विषय बन सकता है.एक तरफ जहा बिहार सरकार हर क्षेत्र में न्याय के साथ विकाश को  दृढ संकल्पित है वहीँ  न्याय दिलाने बाली  पुलिस वर्सेज डी.आई.जी.तो कहीं सिभिल सर्जन वर्सेज जिले के चिकित्सक तो कहीं सिभिल सर्जन के गलत नीतियों के चलते चिकित्सक वर्सेज ग्रामीण व आम स्चूली बच्चे जैसे  बिवाद आम दिखती है .चिकित्सकों के साथ अपमानजनक कृत्य व हॉस्पिटल वाहन का तोड़-फोड़  की घटना और आग-जनि की घटना तो मानो कॉमन होती जा रही है. बरियाही की घटना को लेकर अगर समय रहते  ध्यान नहीं दिया गया तो 20-01-12 के अखबार के अनुसार पुनः जिले में चिकित्सकों का अनिश्चित कालीन हड़ताल देखा जा सकता है और जिसका सीधा किन्तु प्रतिकूल प्रभाव जिले की जनता के ऊपर पड़ेगा और जिला प्रसाशन की परेसानी बढ़ेगी. कई मामले तो ऐसे भी हैं जिससे लगता है की, और तो और यहाँ तक की, जिले में जिला प्रसाशन के आदेस का  धज्जियां उडाई जा रही है उनके आदेस का नगरपालिका पदाधिकारी तथा कई अंचलों के अंचल- पदाधिकारियों  पर कोई असर दीखता नजर नहीं आता है. इसका  जोखिम किनको ? ये परंपरा कितना उचित है कितना अनुचित ? निर्णय आपके ऊपर ..........................!

 इसी तरह कहीं जिले में महिला उत्पीडन के ढेरो मामले सामने आते तो कही मानवाधिकार का हनन के मामले. भेलाही ग्राम पंचायत के 150 से अधिक बच्चों को  स्कूल से अबतक बंचित रखना जहाँ  उन्हें उनके  मौलिक अधिकार से बंचित रखना है वहीँ  मानवाधिकार का हनन भी .इन दिनों यद्धपि कि, जिले में चल रही योजनाओं पर श्रीमान का ध्यान रक्खा जा रहा है तथापि कुछ प्रखंडों व गावों में आज भी बिभागीय व सम्बद्ध प्रसासनिक  उदासीनता के कारण पिछड़े /अनुसूचित/अल्प संख्यक लोगों/बच्चों को जरूरी शिक्षा, मेधावी बच्चों को छात्रवृति के लाभ से बंचित रक्खा जा रहा है. वहीँ कही अनुसूचित जातियों के लिए सौचालय निर्माण, बिजली के नए तार बिछाए जाने तो अल्प संख्यकों के लिए कब्रगाहों की घेराबंदी , सामुदायीक भवन का निर्माण जैसे  सेवाओं का मांग भी बिचारनीय है,.

सहर के मध्य बिभिन्न वार्डों में तथा जिले के बिभिन्न ग्राम पचायतों के आमलोगों की शिकायत है की उन्हें राशन नहीं दी जाती है. बूढ़े बुजुर्गों व बिधवा का पेंसन नहीं मिलता तो वहीँ कहीं वार्ड नो २ में गलत तरीके से नगर निकाय के प्रतिनिधि द्वारा  ढेरो फर्जी लोगों के नाम पर राशि की लूट मानों जिला प्रसाशन के लिए एक चुनौती बन कर रह गयी है. निबंधन कार्यालय की अनियमितता को लेकर आमजनों कि धारणा है कि, 500000 की जमीन  को 1000000 का बताकर बीच के मोल-भाव का गुन्जाईस रक्खा जाता है ,सर्चिंग के नाम पर प्रति दस्तावेज़ 500से 1000 का रुपया वशुल किया जाता है ऑफिस खर्च के नाम पर 40% उगाही की जाती है इसके बिरुद्ध ठोश कार्रवाई करने कि जरुरत है. धन्यवाद !

                                                                                                                                                       जिला प्रवक्ता रवींद्र                        .                                                                          भारतीय जनता पार्टी सहरसा                                                                                                                                                                                                            शिष्ट मंडल में शामिल हैं :- जिला महामंत्री श्रीकृष्ण झा ,शिव भूषण सिंह जिला अध्यक्ष मानवाधिकार प्रकोष्ठ ,नूरुल्लाह आज़ाद जिला अध्यक्ष अल्प संख्यक प्रकोष्ठ नमिता पाठक जिला अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा ,सहरसा ,ब्रजमोहन पासवान जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाती प्रकोष्ठ ,अनिल राम,संतोष राम आदि               

RECEIVING/LETTER NO 542/21-01-12

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