गुरुवार, 10 मई 2012

बिक्लांगों की भी सुनिए मुख्यमंत्री जी /विकलांगों को भी मिले प्रतिनिधित्व का मौका

बिक्लांगों की भी सुनिए मुख्यमंत्री जी /विकलांगों को भी मिले प्रतिनिधित्व का मौका

Dr.Ravindra singh 
5:23 PM (0 minutes ago)

to sanmargsaharsa
letter no A-259                   DATED 10-05-12
              विकलांगों को भी मिले प्रतिनिधित्व का मौका / बिक्लांगों की भी सुनिए मुख्यमंत्री जी /राजनीति में आरक्षण  
    इसमें कतई संदेह नहीं कि न्याय के साथ विकास करने बाले बिहार के मुख्य मंत्री ने नित्य नए कीर्तिमान स्थापित किये . अब राज्य में हाई वे बनता तो ट्रामा सेंटर भी बनता है. फैक्ट्री लगाने से पहले पर्यावरण को दुरुस्त रखने के लिए हरित क्रांति व् पेड़ पौधे  लगाए जाते हैं. पिछड़े लोगो का यदि आयोग गठित  होता तो सवर्णों का भी. नारी  सशक्तिकरण की बात होती तो पुरुस के लिए भी ब्यवस्था दी जाती है. उद्योग धंधे को बढ़ावा मिलता तो कृषि के क्षेत्र में किशानो के लिए भी ब्यवस्था दी जाती है. बिहार में ढेरो स्कूल कॉलेज खुल रहे हैं जिसमे आम बच्चे पढेंगे उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करेंगे . मेडिकल कॉलेज भी खोले जा रहे हैं  लेकिन बिक्लांग बच्चों के उच्च स्तरीय शिक्षा दीक्षा के लिए किसी तरह की कोई अच्छी ब्यवस्था नहीं देना न्याय के साथ बिकास के दावे को ख़ारिज करता है. राजनीति में महिलाओं के लिए सीटें  आरक्षित हैं, पिछड़ों के लिए सीटें आरक्षित है, इतने उदार मुख्य मंत्री आखिर विकलांगों के करते क्यों कंजुशी एक बड़ा सवाल जो मेरे मन में हमेसा से  कोंधता रहता है ?  दूसरी और राजनीती के क्षेत्र में भी राज्य सर्कार की बिक्लंगों के प्रति उदासीनता भी उतना ही सोचने पर हमें बिवास करता रहता है ,  क्या बिक्लांग प्रतिभावान नहीं ? क्या बिक्लांग में नेतृत्व क्षमता नहीं ??  या फिर क्या विकलांग जन कि आस्था भारतीय लोकतंत्र में बांकी लोगों से कम ? अगर ऐसा नहीं तो फिर आखिर क्या कारण है कि, बिक्लांग जनों के लिए राजनीती में किसी तरह का आरक्षण नहीं . अपने आप में न्याय के साथ बिकास के दावे के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. चूँकि कुछ बिक्लांग ऐसे भी होंगे जिन्हें ज्यादा  दौड़ -धुप करने में काफी परेशानी हो सकती है किन्तु यदि प्रतिनिधित्व का मौका मिले तो एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है . ऐसे में मेरे समझ से तो बिधान परिषद् में निःशक्त जानो के लिए ही आरक्षण होना ही चाहिए मैं ब्याक्तिगत रूप से माननीय मुख्य मंत्री जी से आग्रह करता हूँ कि, बिक्लांग बच्चों के उच्च स्तरीय शिक्षा दीक्षा के लिए बिहार में कॉलेजेज दी जाये तथा राजनीती में महिलाओं , पिछड़ों अथवा  महादलितों के भाँती बिक्लांगो के लिए भी चुनाव क्षेत्र /सीटें आरक्षित हों या फिर विधान  परिषद् के लिए उन्हें भी चुना जाय ताकि विकलांग भी अपना प्रति निधित्व दे सके . हमें विस्वास है कि, माननीय मुख्य मंत्री जी बिक्लांगो के लिए ऐसी ब्यवस्था देकर देकर एक और नयी कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं  इसके साथ ही न्याय के साथ बिकास को भी चरितार्थ कर सकते हैं .
धन्यवाद ! 
       डॉ. रवींद्र कुमार सिंह


--
                               RAVINDRA (DISTT.-BJP SPOKESMAN ),SAHARSA
9431243115

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें