शुक्रवार, 22 जून 2012

dharna


सेवा में
          महामहिम राष्ट्रपति महोदया,
                                   श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल
                                                                            New delhi --1100001
द्वारा ,
             श्रीमान प्रखंड विकास पदाधिकारी
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                                                    ................................ (बिहार)
विषय ;-  देस को आराजकता की स्थिति से मुक्ति दिलाने के सम्बन्ध में ( बढती महंगाई एवं भ्रष्टाचार  की आकंठ में डूबी केंद्र की यू० पी० ए० सरकार)
महोदयi,
         वैसे तो जब कभी भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार आती है महंगाई और भ्रष्टाचार का एक नया रिकॉर्ड बनता ही है. फर्क केवल इतना की इसबार केंद्र में जबसे मनमोहन सिंह की सरकार सरकार आयी है तबसे लेकर आजतक पिछले कांग्रेस के बने रिकॉर्ड टूटे और न जाने कितने सारे नए रिकॉर्ड बने सत्यम  घोटाले  ,2G स्पेक्ट्रुम घोटाले का रिकॉर्ड.; मुंबई आदर्श सोशायटी घोटाला ,दिल्ली कॉमन वेल्थ खेल घोटाला का रिकॉर्ड . भुखमरी ,बेरोजगारी ,अत्याचार में ओवल देस साबित करने  का रिकॉर्ड और देस में लोकतंत्र की हिफाजत के लिए आर० टी० आई ०  के तहत अपनी आवाज़ उठाने  बाले एक दर्जन से अधिक लोगो की ह्त्या करने अथवा करवाने का रिकॉर्ड,दुनिया में  85  हंगर (hunger) देशों की सूचकांक में भारत को  65 वे स्थान (पायदान) पर पहुचाने का रिकॉर्ड,बिदेसी बैंकों में कालाधन जमा करने बाले देस के गद्दारों का नाम सार्वजनिक  न करने  का रिकॉर्ड,लोकपाल  की  बाहबाही  लुटने  पैर  लोकपाल   के  अधिकार  और  सकती    देकर  पहले   ही   बेईमानी  करने  का  रिकॉर्ड ;  बोफोर्ष एवं अन्य महत्वपूर्ण घोटाले पर बिपक्ष की जे० पी० सी० की मांग ठुकराकर पुरे सत्र को बिना बहस के समाप्त कराने का रिकॉर्ड तथा देस का २ अरब रूपये बजट सत्र दौरान मुफ्त में डूबा देने का जो कीर्तिमान इस्थापित किया है , भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक और नया रिकॉर्ड है ,इस तरह न जाने कितने रिकॉर्ड बने जो  भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा ही क्रूर मजाक है .  .
एक  तरफ  जहां देस में चल रहे घोटाले के बड़े गोरख धंधे में बड़े - बड़े कोर्पोरेट घराने की संलिप्तता पायी जाती है वहीँ वहीँ  दूसरी  तरफ  चपरासी  से  हुक्मरान  तक , जन्म स्थल  से  असम्शान  तक  यानी जन्म  प्रमाण  पत्र  से  मृत्यु  प्रमाणपत्र  तक  पंचायत  से पार्लियामेंट   तक ,  क्वात्रोची  से  सोनिया  गाँधी  के  10 जनपथ  तक  , भ्रष्टाचार  की  जाळ  फैली  है  . यानी सभी जगह भ्रष्टाचार  ही  भ्रष्टाचार .   आम लोगों की बुनियादी जरुरत और रोज मर्रे की बस्तुएं इतनी  महगी  हो  गयी  है  की  लोगो  का  जीना  हराम  हो  गया  है  , जहा   देस  की   65 फीसदी  जनता  त्राहिमाम  कर  रही  है  , किशानों की उपज की कोई कीमत नहीं किन्तु रासायनिक व उर्वरक की कीमतों में बेतहासा बृद्धि से किशानो का जीना हराम होता जा रहा है.  जहां जिस  देस की आकूत संपदा ( काला धन ) बिदेशों में जमा हो वही देस के  वितमंत्री  और  प्रधानमंत्री  को  GDP growth  की  चिंता  खाए  जा  रही  है , तो कभी बढ़ते राजकोषकीय घाटे को १९९१ से बदतर बताने बाले स्तान्देर्द चार्टर्ड व एस.एन.पी. से भारतीय अर्थ ब्यवस्था की क्रेडिट रेटिंग को घटाए जाने की चेतावनी मिलती है.  खाद्द्य पदार्थो में 20% से अधिक की बेतहासा बृद्धि  व पेट्रोलियम पदार्थो में 40% से अधिक की बेतहासा बृद्धि के कारन  transportation  पर  जो  भार  बढ़ी  है  उससे   सुई  से   माकन  तक  ,खेत  से  खलिहान  तक  .नमक  ,हल्दी   से  तेलहन    दलहन  तक  30% से भी अधिक की आसमान छूती कीमत ने न केवल आम लोगों का  बजट  बिगाड़ा  है  बल्कि दो जुन की रोटी कमा कर खाने बाले देस की 65 फीसदी गरीब जनता की थाली  से भर पेट खाने की दाने को भी छीन लिया  है , उनके चतुर्दिक विकास को अवरुद्ध किया है ,
महोदय  हद तो तब हो गया जब मीडिया में ये खबर देखने व सुनने को आ रहा था कि, मुंबई आदर्श सोशायटी घोटाले के सबूतों को नष्ट करने के उद्धेश्य से दिनांक २१-०६-१२ दिन गुरुवार को साजिस के तहत मुम्बई स्थित्त उप मुख्यमंत्री एवं मुख्यमंत्री के दफ्तर को भी जलाने का साजिस किया गया . ये बिषय जितना गंभीर है उतना हीं हैरान करने  बाला भी है. जिनके लिए "सुजलाम-सुफलाम" की कल्पना की गयी जिनके पुरखों ने देस कि आजादी के लिए अपनी बलि दे दी उनके ही संतानों के साथ देस में क्रूर मजाक किया जा रहा  है
 बास्तव में देस में ब्याप्त अराजकता , भ्रष्टाचार व महंगाई पुर्णतः अलोकतांत्रिक है,  भारतीय  लोकतंत्र के लिए घातक है ,
 भाजपा (,,,,,,,,,,,,/ सहरसा) महामहिम से निम्न लिखित १0 सूत्री मांग रखती है ;-
            बिहार के हिस्से में बिजली - कोटे को बढ़ाई जाए .
            बिहार में कोल लिंकेज की स्वीकृति प्रदान की जाय .
            कृषि व किशान हित में बढे हुए राशायनिक खाध की कीमतों को कम की जाय .
            बिहार को बिशेष राज्य का दर्जा दी जाय .
          देस को अराजकता की स्थिति से मुक्त कि जाय .   
           महंगाई व भ्रष्टाचार को दूर करने कि ठोस पहल कि जाय .
          छात्र -नौजवान हित में ठोस कदम बढ़ाई जाय .
           समय रहते इस भ्रष्ट व पुर्णतः अलोकतांत्रिक केंद्र कि UPA. सरकार को बर्खास्त कर देस में पुनः लोकतांत्रिक सरकार को लाने की प्रकिया आरम्भ की जाय..
      


RAVINDRA 
22-06-12

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