LETEER NO A-298 DATED 7-06-12
सेवा में
महामहिम राष्ट्रपति महोदया,श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल
New delhi --1100001
द्वारा , श्रीमान जिला पदाधिकारी .
सहरसा (बिहार)
विषय ;- देस में बढती महंगाई एवं भ्रष्टाचार (की जननी) की आकंठ में डूबी केंद्र की यू० पी० ए० सरकार
द्वारा , श्रीमान जिला पदाधिकारी .………….
महोदयi,
वैसे तो जब कभी भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार आती है महंगाई और भ्रष्टाचार का एक नया रिकॉर्ड बनता ही है. फर्क केवल इतना की इसबार केंद्र में जबसे मनमोहन सिंह की सरकार सरकार आयी है तबसे लेकर आजतक पिछले कांग्रेस के बने रिकॉर्ड टूटे और न जाने कितने सारे नए रिकॉर्ड बने सत्यम घोटाले ,2G स्पेक्ट्रुम घोटाले का रिकॉर्ड.; मुंबई आदर्श सोशायटी घोटाला ,दिल्ली कॉमन वेल्थ खेल घोटाला का रिकॉर्ड . भुखमरी ,बेरोजगारी ,अत्याचार में ओवल देस साबित करने का रिकॉर्ड और देस में लोकतंत्र की हिफाजत के लिए आर० टी० आई ० के तहत अपनी आवाज़ उठाने बाले एक दर्जन से अधिक लोगो की ह्त्या करने अथवा करवाने का रिकॉर्ड,दुनिया में 85 हंगर (hunger) देशों की सूचकांक में भारत को 65 वे स्थान (पायदान) पर पहुचाने का रिकॉर्ड,बिदेसी बैंकों में कालाधन जमा करने बाले देस के गद्दारों का नाम सार्वजनिक न करने का रिकॉर्ड,लोकपाल की बाहबाही लुटने पैर लोकपाल के अधिकार और सकती न देकर पहले ही बेईमानी करने का रिकॉर्ड ; बोफोर्ष एवं अन्य महत्वपूर्ण घोटाले पर बिपक्ष की जे० पि० सी० की मांग ठुकराकर पुरे सत्र को बिना बहस के समाप्त कराने का रिकॉर्ड तथा देस का २ अरब रूपये बजट सत्र दौरान मुफ्त में डूबा देने का जो कीर्तिमान इस्थापित किया है , भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक और नया रिकॉर्ड है ,इस तरह न जाने कितने रिकॉर्ड बने जो भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा ही क्रूर मजाक है . .
एक तरफ निरा रादिया से लेकर टाटा समूह तक ..क्वात्रोची से सोनिया गाँधी के 10 जनपथ तक ,भ्रष्टाचार की जाळ फैली है वहीँ दूसरी तरफ चपरासी से हुक्मरान तक ,जन्म से अस्म्सन तक ,जन्म प्रमाण पार्ट से मृत्यु प्रमाणपत्र तक .पंचायत से पर्लिअमेंट तक भ्रस्ताचार ही भ्रस्ताचार . आम लोगों की बुनियादी जरुरत और रोज मर्रे की बस्तुएं इतनी महगी हो गयी है की लोगो का जीना हरम हो गया है ,जहा देस की 65 फीसदी जनता त्राहिमाम कर रही है वही वितमंत्री और प्रधानमंत्री को GDP growth की चिंता खाए जा रही है .खाद्द्य पदार्थो में 20% से अधिक की बेतहासा ब्रिधि व पेट्रोलियम पदार्थो में 20% से अधिक की बेतहासा ब्रिधि के कारन transportation पर जो भार बढ़ी है उससे सुई से माकन तक ,खेत से खलिहान तक .नमक ,हल्दी से तेलहन व दलहन तक 30% की ब्रिधि के साथ आसमान छूती कीमत ने न केवल आम लोगों का बजट बिगारा है बल्कि दो जुन की रोटी कमा कर खाने बाले देस की 65 फीसदी गरीब जनता की थाली में से भर पेट खाने की दाने को छिनने का भी कम किया है.उनके विकास को अवरुद्ध किया है ,
हद तो यह है की जिनके लिए "सुजलाम-सुफलाम" की कल्पना की गयी उनके ही संतानों के साथ ऐसा क्रूर मजाक हो रहा है .और नौकरशाही इतना हाबी है की उसे घर बैठे सभी तरह की सुविधा बास्तव में लोकतंत्र के लिए घातक है ,एक बरा खतरा है.
भाजपा (सहरसा) महामहिम से निम्न लिखित १२ सूत्री मांग रखती है ;-
१. * रंगनाथ मिश्र आयोग एवं सच्चर समिति की सिफारिशें लागू हों. * रंगनाथ मिश्र आयोग एवं सच्चर समिति की सिफारिशें लागू हों.
* दलित मुसलमानों और दलित ईसाइयों को एससी का दर्जा मिले.
* मेवों को एसटी का दर्जा मिले.
* बुनकरों एवं दूसरे कारीगरों का क़र्ज़ माफ हो.
* कुटीर उद्योगों को 4 फीसदी ब्याज पर क़र्ज़ मिले.
* बीड़ी मजदूरों को मकान बनाने के लिए एक लाख रुपये दिए जाएं.
* 33 फीसदी में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण अलग करो.
* अकलियति तालीमी एदारों में भी आरक्षण मिले.
* प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम को ज़मीन पर उतारें.
* वर्ष 2011 में जातिवार जनगणना कराई जाए.
* रिक्शों की संख्या और सड़कों पर चलने से पाबंदी हटाई जाए.
* दलित मुसलमानों और दलित ईसाइयों को एससी का दर्जा मिले.
* मेवों को एसटी का दर्जा मिले.
* बुनकरों एवं दूसरे कारीगरों का क़र्ज़ माफ हो.
* कुटीर उद्योगों को 4 फीसदी ब्याज पर क़र्ज़ मिले.
* बीड़ी मजदूरों को मकान बनाने के लिए एक लाख रुपये दिए जाएं.
* 33 फीसदी में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण अलग करो.
* अकलियति तालीमी एदारों में भी आरक्षण मिले.
* प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम को ज़मीन पर उतारें.
* वर्ष 2011 में जातिवार जनगणना कराई जाए.
* रिक्शों की संख्या और सड़कों पर चलने से पाबंदी हटाई जाए.सेवा में
पार्टी प्रवक्ता "रवींद्र"
सेवा में
महामहिम राष्ट्रपति महोदया,श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल
New delhi --1100001
द्वारा , श्रीमान जिला पदाधिकारी .
सहरसा (बिहार)
विषय ;- देस में बढती महंगाई एवं भ्रष्टाचार (की जननी) की आकंठ में डूबी केंद्र की यू० पी० ए० सरकार
द्वारा , श्रीमान जिला पदाधिकारी .………….
महोदयi,
वैसे तो जब कभी भी केंद्र में कांग्रेस की सरकार आती है महंगाई और भ्रष्टाचार का एक नया रिकॉर्ड बनता ही है. फर्क केवल इतना की इसबार केंद्र में जबसे मनमोहन सिंह की सरकार सरकार आयी है तबसे लेकर आजतक पिछले कांग्रेस के बने रिकॉर्ड टूटे और न जाने कितने सारे नए रिकॉर्ड बने सत्यम घोटाले ,2G स्पेक्ट्रुम घोटाले का रिकॉर्ड.; मुंबई आदर्श सोशायटी घोटाला ,दिल्ली कॉमन वेल्थ खेल घोटाला का रिकॉर्ड . भुखमरी ,बेरोजगारी ,अत्याचार में ओवल देस साबित करने का रिकॉर्ड और देस में लोकतंत्र की हिफाजत के लिए आर० टी० आई ० के तहत अपनी आवाज़ उठाने बाले एक दर्जन से अधिक लोगो की ह्त्या करने अथवा करवाने का रिकॉर्ड,दुनिया में 85 हंगर (hunger) देशों की सूचकांक में भारत को 65 वे स्थान (पायदान) पर पहुचाने का रिकॉर्ड,बिदेसी बैंकों में कालाधन जमा करने बाले देस के गद्दारों का नाम सार्वजनिक न करने का रिकॉर्ड,लोकपाल की बाहबाही लुटने पैर लोकपाल के अधिकार और सकती न देकर पहले ही बेईमानी करने का रिकॉर्ड ; बोफोर्ष एवं अन्य महत्वपूर्ण घोटाले पर बिपक्ष की जे० पि० सी० की मांग ठुकराकर पुरे सत्र को बिना बहस के समाप्त कराने का रिकॉर्ड तथा देस का २ अरब रूपये बजट सत्र दौरान मुफ्त में डूबा देने का जो कीर्तिमान इस्थापित किया है , भारतीय लोकतंत्र के लिए यह एक और नया रिकॉर्ड है ,इस तरह न जाने कितने रिकॉर्ड बने जो भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ा ही क्रूर मजाक है . .
एक तरफ निरा रादिया से लेकर टाटा समूह तक ..क्वात्रोची से सोनिया गाँधी के 10 जनपथ तक ,भ्रष्टाचार की जाळ फैली है वहीँ दूसरी तरफ चपरासी से हुक्मरान तक ,जन्म से अस्म्सन तक ,जन्म प्रमाण पार्ट से मृत्यु प्रमाणपत्र तक .पंचायत से पर्लिअमेंट तक भ्रस्ताचार ही भ्रस्ताचार . आम लोगों की बुनियादी जरुरत और रोज मर्रे की बस्तुएं इतनी महगी हो गयी है की लोगो का जीना हरम हो गया है ,जहा देस की 65 फीसदी जनता त्राहिमाम कर रही है वही वितमंत्री और प्रधानमंत्री को GDP growth की चिंता खाए जा रही है .खाद्द्य पदार्थो में 20% से अधिक की बेतहासा ब्रिधि व पेट्रोलियम पदार्थो में 20% से अधिक की बेतहासा ब्रिधि के कारन transportation पर जो भार बढ़ी है उससे सुई से माकन तक ,खेत से खलिहान तक .नमक ,हल्दी से तेलहन व दलहन तक 30% की ब्रिधि के साथ आसमान छूती कीमत ने न केवल आम लोगों का बजट बिगारा है बल्कि दो जुन की रोटी कमा कर खाने बाले देस की 65 फीसदी गरीब जनता की थाली में से भर पेट खाने की दाने को छिनने का भी कम किया है.उनके विकास को अवरुद्ध किया है ,
हद तो यह है की जिनके लिए "सुजलाम-सुफलाम" की कल्पना की गयी उनके ही संतानों के साथ ऐसा क्रूर मजाक हो रहा है .और नौकरशाही इतना हाबी है की उसे घर बैठे सभी तरह की सुविधा बास्तव में लोकतंत्र के लिए घातक है ,एक बरा खतरा है.
भाजपा (सहरसा) महामहिम से निम्न लिखित १२ सूत्री मांग रखती है ;-
१. * रंगनाथ मिश्र आयोग एवं सच्चर समिति की सिफारिशें लागू हों. * रंगनाथ मिश्र आयोग एवं सच्चर समिति की सिफारिशें लागू हों.
* दलित मुसलमानों और दलित ईसाइयों को एससी का दर्जा मिले.
* मेवों को एसटी का दर्जा मिले.
* बुनकरों एवं दूसरे कारीगरों का क़र्ज़ माफ हो.
* कुटीर उद्योगों को 4 फीसदी ब्याज पर क़र्ज़ मिले.
* बीड़ी मजदूरों को मकान बनाने के लिए एक लाख रुपये दिए जाएं.
* 33 फीसदी में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण अलग करो.
* अकलियति तालीमी एदारों में भी आरक्षण मिले.
* प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम को ज़मीन पर उतारें.
* वर्ष 2011 में जातिवार जनगणना कराई जाए.
* रिक्शों की संख्या और सड़कों पर चलने से पाबंदी हटाई जाए.
* दलित मुसलमानों और दलित ईसाइयों को एससी का दर्जा मिले.
* मेवों को एसटी का दर्जा मिले.
* बुनकरों एवं दूसरे कारीगरों का क़र्ज़ माफ हो.
* कुटीर उद्योगों को 4 फीसदी ब्याज पर क़र्ज़ मिले.
* बीड़ी मजदूरों को मकान बनाने के लिए एक लाख रुपये दिए जाएं.
* 33 फीसदी में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण अलग करो.
* अकलियति तालीमी एदारों में भी आरक्षण मिले.
* प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम को ज़मीन पर उतारें.
* वर्ष 2011 में जातिवार जनगणना कराई जाए.
* रिक्शों की संख्या और सड़कों पर चलने से पाबंदी हटाई जाए.सेवा में
पार्टी प्रवक्ता "रवींद्र"
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